रांची। झारखंड की राजधानी रांची के बहुचर्चित बड़गांई अंचल स्थित 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ 30 सितंबर को आरोप गठन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। मामले (Badgaini Land Scam) की सुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से ईडी (ED) की विशेष अदालत में पेश हुए।
Badgaini Land Scam – सुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री के अधिवक्ता संजीव सहाय ने अदालत को अवगत कराया कि उन्हें ईडी की ओर से ‘अनरिलाइड डॉक्यूमेंट्स’ की सूची आज ही प्राप्त हुई है, जिसके सत्यापन और अध्ययन के लिए समय की आवश्यकता है। इस आधार पर ईडी की विशेष अदालत ने अगली सुनवाई और आरोप गठन पर बहस के लिए 30 सितंबर की तिथि निर्धारित कर दी है।
सिविल कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता संजय कुमार ने बताया कि सुनवाई के दौरान स्वयं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी अदालत से व्यक्तिगत रूप से आग्रह किया। उन्होंने कोर्ट को बताया कि ईडी द्वारा दस्तावेजों की सूची अंतिम समय में सौंपी गई है, इसलिए इसे वेरिफाई करने का उचित समय प्रदान किया जाए। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने अपनी कुछ व्यक्तिगत और प्रशासनिक व्यस्तताओं/कठिनाइयों का भी जिक्र करते हुए समय देने का अनुरोध किया। अदालत द्वारा समय स्वीकार किए जाने के बाद अब बुधवार, 30 सितंबर को आरोप गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
सह-आरोपियों पर पहले ही तय हो चुके हैं आरोप
बड़गांई अंचल की 8.86 एकड़ जमीन में फर्जीवाड़े और मनी लॉन्ड्रिंग के इस मामले में ईडी की विशेष अदालत अन्य सह-आरोपियों के खिलाफ पहले ही आरोप गठित कर चुकी है। अदालत द्वारा जिन आरोपियों पर आरोप तय किए गए हैं, उनमें पूर्व राजस्व उप निरीक्षक भानु प्रताप प्रसाद, झामुमो नेता अंतू तिर्की, आर्किटेक्ट विनोद कुमार सिंह, तापस घोष, शेखर कुशवाहा, मोहम्मद सद्दाम हुसैन, अफसर अली, मोहम्मद इरशाद अख्तर, कुमार राजश्री, मनोज कुमार यादव, प्रियरंजन सहाय, विपिन सिंह, विजेंद्र सिंह और संजीत कुमार शामिल हैं।
