भारत ने सोमवार को अमेरिका के उस आरोप को साफ तौर पर खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि भारत अमेरिका में सस्ते दामों पर चावल बेच रहा है. भारत सरकार का कहना है कि वह अमेरिका (America’s dumping allegations) को ज्यादातर अच्छी क्वालिटी वाला बासमती चावल भेजता है, जिसकी कीमत सामान्य चावल से ज्यादा होती है. इसलिए इसे डंपिंग कहना गलत है.
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले हफ्ते बयान दिया था कि भारत अपने चावल को अमेरिकी बाजार में बहुत कम कीमत पर बेच रहा है. उन्होंने यह भी कहा था कि भारतीय चावल पर और टैरिफ लगाया जा सकता है. डंपिंग का मतलब होता है किसी सामान को उसकी असली या सामान्य कीमत से कम दाम पर दूसरे देश में बेचना, ताकि वहां की कंपनियों को नुकसान पहुंचे.
America’s dumping allegations – इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए भारत के व्यापार सचिव राजेश अग्रवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि शुरुआती तौर पर डंपिंग जैसा कोई मामला नहीं बनता. उन्होंने साफ कहा कि अमेरिका की तरफ से अभी तक इस मामले में कोई औपचारिक जांच भी शुरू नहीं की गई है. अग्रवाल के मुताबिक, भारत का चावल निर्यात पारदर्शी है और अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत ही किया जाता है.
