पटियाला (पंजाब): पटियाला में पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PPCC) के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के कार्यक्रम के दौरान माहौल उस समय अचानक गरमा गया, जब वहां एकत्रित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थन में जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी।
कार्यक्रम स्थल पर “चन्नी जिंदाबाद” और “चन्नी लाओ-कांग्रेस बचाओ” के नारों की गूंज से कुछ समय के लिए स्थिति असहज हो गई। मौके पर मौजूद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच इस अचानक हुई नारेबाजी के पीछे के राजनीतिक संदेश को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।
📍 भूपेश बघेल के नौ दिवसीय पंजाब दौरे के बीच घमासान, मंच पर मची अफरा-तफरी
उल्लेखनीय है कि पंजाब कांग्रेस के नवनियुक्त प्रभारी भूपेश बघेल को भी इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में सम्मिलित होना था, किंतु नारेबाजी के समय वे मंच पर उपस्थित नहीं थे।
भूपेश बघेल वर्तमान में पंजाब के नौ दिवसीय विस्तृत संगठनात्मक दौरे पर हैं और उन्हें पटियाला के सुनाम क्षेत्र में ‘हर बूथ कांग्रेस जट्ट’ अभियान के अंतर्गत एक विशाल जनसभा को संबोधित करना था। विगत दिवस भी उन्होंने प्रदेश के कई जिलों में संगठनात्मक बैठकों में भाग लिया था।
💬 “ज़मीनी स्तर पर चन्नी के साथ खड़ा है कार्यकर्ता”, मीडिया के सामने समर्थकों का बड़ा दावा
बाद में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए प्रदर्शनकारी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह आयोजन मात्र राजा वड़िंग का व्यक्तिगत कार्यक्रम नहीं था, बल्कि पूरी कांग्रेस पार्टी का संयुक्त मंच था।
उन्होंने स्पष्ट किया कि नारेबाजी करने का मुख्य उद्देश्य कांग्रेस हाईकमान तक यह सीधा संदेश पहुंचाना था कि धरातल पर आज भी कांग्रेस कैडर का एक बहुत बड़ा वर्ग चरणजीत सिंह चन्नी के साथ मजबूती से खड़ा है। कार्यकर्ताओं का दावा है कि अपने अल्पकालिक मुख्यमंत्रित्व काल के दौरान चरणजीत सिंह चन्नी ने आम जनता, गरीबों और पार्टी कार्यकर्ताओं के हित में कई ऐतिहासिक निर्णय लिए थे। उनका मानना है कि आगामी विधानसभा चुनावों में यदि कांग्रेस को सत्ता में वापसी करनी है, तो यह चन्नी के प्रभावी नेतृत्व में ही संभव है।
🏛️ कांग्रेस हाईकमान और राज्य नेतृत्व का अभी तक नहीं आया कोई आधिकारिक बयान
हालांकि, यह पूरी तरह से असंतुष्ट कार्यकर्ताओं की निजी राय और गुटबाजी का प्रदर्शन माना जा रहा है।
इस संवेदनशील घटनाक्रम पर कांग्रेस हाईकमान अथवा पंजाब प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान या स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है। बहरहाल, राजनीतिक हलकों में यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि क्या कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व कार्यकर्ताओं की इस भावी मांग को गंभीरता से लेगा या फिर पंजाब कांग्रेस में प्रदेश नेतृत्व को लेकर चल रही अंदरूनी खींचतान और अधिक उग्र रूप धारण करेगी।


