रांची (झारखंड): रांची नगर निगम (RMC) ने राजधानी की सड़क व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित, सुगम, सुरक्षित और टिकाऊ बनाने की दिशा में एक बड़ी और नवाचारी पहल करते हुए ‘रोड ग्रेडिंग सिस्टम’ (Road Grading System) लागू कर दिया है।

इस नई पारदर्शी व्यवस्था के तहत निगम क्षेत्र की सभी प्रमुख और आंतरिक सड़कों की गुणवत्ता, मजबूती और गड्ढों का वैज्ञानिक आधार पर आंकलन किया जा रहा है। इसके साथ ही शहर के प्रमुख और व्यस्ततम मार्गों को विश्वस्तरीय ‘मॉडल कॉरिडोर’ के रूप में विकसित करने का मास्टर प्लान भी तैयार कर काम शुरू कर दिया गया है। नगर निगम का मुख्य उद्देश्य उपलब्ध बजटीय संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए उन जर्जर सड़कों को प्राथमिकता देना है, जहां तत्काल मरम्मत या नए सिरे से निर्माण की सख्त आवश्यकता है।

🛣️ चार श्रेणियों (Good, Average, Poor & Very Poor) में बांटी जाएंगी शहर के 53 वार्डों की सड़कें

नगर निगम द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, शहर के सभी 53 वार्डों में जूनियर इंजीनियर (JE), सहायक अभियंता (AE) और संबंधित वार्डों की संयुक्त प्रशासनिक टीमें घर-घर और गली-गली जाकर व्यापक सड़क सर्वेक्षण कर रही हैं।

निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर सड़कों को चार प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किया जा रहा है:

  • गुड (Good) श्रेणी: इन सड़कों की स्थिति अच्छी है, यहां केवल नियमित रखरखाव (Maintenance) किया जाएगा।

  • एवरेज (Average) श्रेणी: इन सड़कों पर मामूली गड्ढे या दरारें हैं, जहां तत्काल पैचवर्क और हल्की मरम्मत होगी।

  • पुअर (Poor) श्रेणी: खराब स्थिति वाली इन सड़कों को प्राथमिक सूची में रखकर मजबूती से दुरुस्त किया जाएगा।

  • वेरी पुअर (Very Poor) श्रेणी: पूरी तरह जर्जर और बदहाल हो चुकी सड़कों का नए सिरे से पूर्ण पुनर्निर्माण (Reconstruction) किया जाएगा।

सड़कों की ग्रेडिंग के आधार पर ही विकास कार्यों और बजट आवंटन की प्राथमिकता तय होगी। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि किन इलाकों में तत्काल भारी हस्तक्षेप की जरूरत है और कहां केवल सामान्य रखरखाव पर्याप्त है। निगम का मानना है कि इस वैज्ञानिक व्यवस्था से निर्माण कार्यों में पारदर्शिता आएगी और जनता के टैक्स के पैसे का दुरुपयोग रुकेगा।

🏙️ कांके रोड से लेकर हरमू बाइपास तक बनेंगे ‘मॉडल कॉरिडोर’, बदल जाएगी शहर की सूरत

शहर के प्रमुख और व्यस्ततम आवागमन मार्गों को आधुनिक ‘मॉडल कॉरिडोर’ (Model Corridor) के रूप में विकसित करने की योजना पर भी तेजी से काम शुरू हो चुका है।

प्रथम चरण में कांके रोड, राम मंदिर से रातू रोड चौक, हरमू बाइपास, सिरमटोली चौक और अन्य प्रमुख व्यस्त सड़कों को शामिल किया गया है। इन मॉडल कॉरिडोर्स पर अवैध अतिक्रमण हटाने, चौड़े व सुरक्षित फुटपाथ निर्माण, आधुनिक स्ट्रीट लाइट्स, हरित पट्टी (हरियाली), भूमिगत ड्रेनेज सुधार, वैज्ञानिक ट्रैफिक प्रबंधन और सौंदर्यीकरण जैसे बहुआयामी कार्य किए जाएंगे, ताकि रांची की पहचान एक सर्वसुविधायुक्त और आधुनिक स्मार्ट सिटी के रूप में स्थापित हो सके।

🌧️ जलजमाव वाले इलाकों पर विशेष फोकस, केवल गड्ढे भरना नहीं बल्कि स्थायी समाधान लक्ष्य: नगर आयुक्त सुशांत गौरव

मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए रांची नगर निगम के नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने बताया कि नगर निगम और पथ निर्माण विभाग (Road Construction Department) आपसी समन्वय से शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

उन्होंने बताया, “योजनाएं पूरी तरह तैयार हैं और कई महत्वपूर्ण सड़कों की पहचान कर उनकी ग्रेडिंग का काम धरातल पर चल रहा है। मानसून के दौरान जिन क्षेत्रों में अत्यधिक जलजमाव होता है और जहां बारिश के कारण सड़कें बार-बार उखड़ जाती हैं, उन इलाकों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।”

नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि बारिश का दौर समाप्त होते ही ऐसे इलाकों में सड़क और ड्रेनेज (नाली) दोनों पर एक साथ प्रभावी और स्थायी निर्माण कार्य कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि निगम का लक्ष्य केवल अस्थायी रूप से गड्ढों को भरना नहीं, बल्कि भविष्य की 20-30 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखकर मजबूत रोड नेटवर्क तैयार करना है, जिससे आम नागरिकों को सुरक्षित और सुगम यातायात मिल सके।

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