देश के कई हिस्सों में तापमान 48 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। लू और भीषण गर्मी के कारण डिहाइड्रेशन, मतली और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं आम हो गई हैं। आमतौर पर लोग ठंडक के लिए कूलर (Heatwave Relief) और एसी का सहारा लेते हैं, लेकिन शरीर को अंदर से स्वस्थ और ठंडा रखने के लिए ‘योग’ सबसे प्रभावी माध्यम है। एम्स की प्रोफेसर डॉ. रीमा दादा के अनुसार, योग की कुछ विशेष तकनीकें शरीर के तापमान को नेचुरली नियंत्रित करने में मदद करती हैं।

🧘 कूलिंग प्राणायाम: शीतली और शीतकारी का जादू

डॉ. रीमा दादा बताती हैं कि गर्मी के दिनों में योग का अभ्यास सुबह के समय करना सबसे अच्छा है। शरीर को नेचुरली ठंडा करने के लिए दो प्राणायाम रामबाण हैं:

    • शीतली प्राणायाम: इसमें जीभ को नली की तरह मोड़कर मुंह से सांस अंदर ली जाती है और फिर नाक से छोड़ी जाती है। इससे शरीर में ठंडी हवा का अनुभव होता है और आंतरिक ठंडक मिलती है।

    • शीतकारी प्राणायाम: जो लोग शीतली नहीं कर पाते, वे शीतकारी कर सकते हैं। इसमें दांतों को हल्का बंद रखकर उनके बीच से ‘शी…’ की आवाज निकालते हुए सांस अंदर ली जाती है और नाक से बाहर छोड़ी जाती है। इन दोनों प्राणायामों को आप बैठकर 8 से 10 बार दोहरा सकते हैं।

       

🌿 प्राणायाम के अन्य स्वास्थ्य लाभ

इन कूलिंग तकनीकों का अभ्यास केवल गर्मी से राहत ही नहीं देता, बल्कि (Heatwave Relief) इसके अन्य स्वास्थ्य लाभ भी हैं:

    • तनाव और चिंता को कम करना।

    • पाचन तंत्र में सुधार और एसिडिटी से राहत।

    • ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में सहायक।

       

 

 

 

 

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