चंडीगढ़: राजनीति में सत्ता, पद और अपार लोकप्रियता प्रायः नेताओं के व्यक्तिगत व्यवहार में परिवर्तन ला देती है। ऊंचे प्रशासनिक व राजनीतिक पदों पर पहुँचने के उपरांत आम जनमानस से दूरी बना लेना, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और प्रोटोकॉल के घेरे में सीमित हो जाना आज की राजनीति का आम दृश्य बन चुका है। परंतु इसी दौर में (spontaneity became biggest strength) हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपनी अनूठी कार्यशैली और सहज व्यवहार से यह सिद्ध कर दिखाया है कि बड़ा पद मिलने के उपरांत भी यदि व्यक्ति अपनी जड़ों से जुड़ा रहे, तो जनता का अटूट विश्वास और स्नेह कई गुना बढ़ जाता है।
साधारण किसान परिवार से मुख्यमंत्री तक का प्रेरणादायक सफर
एक साधारण किसान परिवार से निकलकर उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के संगठन में वर्षों तक जमीनी स्तर पर कार्य किया। जनता के बीच अपनी पहचान स्थापित करने के उपरांत वे विधायक, सांसद तथा प्रदेश अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन करते हुए मुख्यमंत्री पद तक पहुँचे। उनकी यह जीवन यात्रा उन युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है, जो बिना किसी राजनीतिक पृष्ठभूमि के केवल अपनी निष्ठा और समर्पण के बल पर आगे बढ़ना चाहते हैं।
सादगी और आत्मीयता बनी मुख्यमंत्री सैनी की सबसे बड़ी ताकत
राजनीति के गलियारों में अक्सर यह कहा जाता है कि सत्ता व्यक्ति का स्वभाव बदल देती है, परंतु नायब सैनी के संदर्भ में उनके सहयोगी, पार्टी कार्यकर्ता और आम नागरिक एक स्वर में उनकी सहजता की प्रशंसा करते हैं। वे किसी भी नागरिक से भेंट करते समय औपचारिकताओं से अधिक आत्मीयता पर बल देते हैं। विभिन्न सार्वजनिक कार्यक्रमों में पहुँचने पर कार्यकर्ताओं का हालचाल जानना, बुजुर्गों के प्रति आदर भाव, बच्चों से सहज संवाद और आम नागरिकों (spontaneity became biggest strength) की समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुनना उनकी दैनिक दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बन चुका है।


