हरिद्वार : सनातन धर्म के सबसे पवित्र त्योहारों में से एक ‘गंगा दशहरा’ के पावन (Ganga Dussehra Haridwar) अवसर पर आज धर्मनगरी हरिद्वार में श्रद्धालुओं का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा है। सुबह तड़के से ही देश के कोने-कोने से आए श्रद्धालुओं का हर की पैड़ी घाट पर आगमन शुरू हो गया था। हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आज गंगा दशहरा के पवित्र दिन मां गंगा में आस्था की डुबकी लगाने से मनुष्य के ज्ञात-अज्ञात 10 बड़े पाप पूरी तरह नष्ट हो जाते हैं। इस वर्ष पुरुषोत्तम मास (अधिक मास) का दुर्लभ संयोग होने के कारण गंगा दशहरे की महत्ता और आध्यात्मिक फल कई गुना अधिक बढ़ गया है।

Ganga Dussehra Haridwar – हरिद्वार के मुख्य हर की पैड़ी घाट के अलावा सुभाष घाट, कुशा घाट, चंडी घाट, कनखल के ऐतिहासिक राजघाट, दक्षेश्वर महादेव मंदिर घाट और शीतला माता मंदिर घाट पर भी सुबह से ही पैर रखने की जगह नहीं है और चारों तरफ मां गंगे के जयकारे गूंज रहे हैं।

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, गंगा दशहरा का यह महापर्व मां गंगा के स्वर्ग लोक से पृथ्वी लोक पर अवतरण के उपलक्ष्य में पूरी श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। पौराणिक कथाओं के मुताबिक, मां गंगा ब्रह्मा जी के कमंडल से निकलकर और भगवान विष्णु के चरणों को स्पर्श करते हुए भगवान शिव की जटाओं में समाई थीं। इसके बाद ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि के दिन वे शिव की जटाओं से मुक्त होकर पृथ्वी लोक पर अवतरित हुई थीं, इसीलिए इस पवित्र तिथि को संसार में ‘गंगा दशहरा’ के रूप में पूजा जाता है।

 

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