भोपाल : मासिक स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की मांग को लेकर मध्य प्रदेश की (senior residents boycott opd) राजधानी भोपाल में इंटर्न डॉक्टरों का आंदोलन बुधवार को लगातार तीसरे दिन भी जारी है। कमला पार्क चौराहे पर शांतिपूर्ण धरने पर बैठे प्रदर्शनकारी डॉक्टरों का आक्रोश सोमवार को पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज और वाटर कैनन के प्रयोग के बाद और अधिक भड़क उठा है। इस घटना के विरोध में अब आंदोलन को सीनियर डॉक्टरों, रेजिडेंट्स और जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन (JDA) का भी पूर्ण समर्थन प्राप्त हो गया है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ना शुरू हो गया है।
गांधी मेडिकल कॉलेज में OPD सेवाओं का बहिष्कार
भोपाल स्थित गांधी मेडिकल कॉलेज (GMC) के सीनियर रेजिडेंट्स ने इंटर्न डॉक्टरों के समर्थन में आज से बाह्य रोगी विभाग (OPD) की सेवाओं का पूर्ण बहिष्कार कर दिया है। अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए गंभीर मरीजों की राहत के लिए आपातकालीन (Emergency) और ट्रॉमा सेवाओं को सुचारू रूप से जारी रखा है।
डॉक्टरों ने काली पट्टी बांधकर किया काम
राजधानी भोपाल में इंटर्न डॉक्टरों पर हुए पुलिसिया बलप्रयोग और लाठीचार्ज के विरोध में आज मध्य प्रदेश के सभी शासकीय मेडिकल कॉलेजों में पदस्थ चिकित्सकों ने बाजू पर काली पट्टी बांधकर अपनी (senior residents boycott opd) सेवाएं दीं। चिकित्सक संगठनों ने स्पष्ट किया है कि जब तक स्टाइपेंड में सम्मानजनक वृद्धि का लिखित आदेश जारी नहीं किया जाता और लाठीचार्ज के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर जवाबदेही तय नहीं होती, तब तक विरोध के विभिन्न चरण जारी रहेंगे।
