मुंबई: भारतीय शेयर बाजार में आज सुबह की शुरुआत निवेशकों के लिए किसी बुरे सपने की तरह रही। कारोबार शुरू होते ही महज 5 सेकंड के भीतर दलाल स्ट्रीट पर भारी बिकवाली का सैलाब आ गया। बीएसई (BSE) पर सूचीबद्ध कंपनियों के कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन (बाजार पूंजीकरण) में लगभग तीन लाख करोड़ रुपये (outcry in the stock market) की भारी गिरावट दर्ज की गई और देखते ही देखते निवेशकों की बड़ी संपत्ति हवा हो गई।

इस भारी गिरावट का प्रमुख कारण पश्चिमी एशिया में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tension) है। अमेरिका द्वारा ईरान के तेल टैंकरों पर हमले के बाद ईरान के पलटवार ने वैश्विक बाजारों के साथ-साथ घरेलू शेयर बाजार को भी हिला कर रख दिया है। शुरुआती झटके में सेंसेक्स 600 अंक से अधिक टूट गया, जबकि निफ्टी 50 फिसलकर 23,500 के अहम स्तर से नीचे आ गया।

अमेरिका द्वारा ईरानी तेल टैंकरों को निशाना बनाए जाने के बाद, ईरान की सेना ने जॉर्डन स्थित एक अमेरिकी सैन्य बेस पर 20 बैलिस्टिक मिसाइलें दाग दीं। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इसे जवाबी कार्रवाई में एक ‘सजा देने वाला ऑपरेशन’ करार दिया है, जिससे सीधे सैन्य टकराव का खतरा गहरा गया है।

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल 

पश्चिमी एशिया में भू-राजनीतिक तनाव भड़कते ही कच्चे तेल की वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला बाधित होने की आशंका बढ़ गई है। अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड में करीब 2 फीसदी की तेजी आई है और यह 100 डॉलर प्रति बैरल के संवेदनशील स्तर के बेहद करीब पहुंच गया है।भारत अपनी घरेलू जरूरत का 80 फीसदी से अधिक कच्चा तेल आयात करता है। क्रूड ऑयल में उछाल से देश में महंगाई, चालू खाता घाटा (CAD) और आयात बिल बढ़ने का जोखिम बढ़ जाता है।

आईटी सेक्टर में सबसे भीषण गिरावट 

outcry in the stock market – सुबह के कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 461.33 अंक (0.61%) गिरकर 75,116.25 पर कारोबार करता दिखा, जबकि इससे पहले यह 608.59 अंक टूटकर 74,968.99 के निचले स्तर तक चला गया था। निफ्टी 50 भी 157.55 अंक गिरकर 23,477.55 तक गोता लगाने के बाद 23,525.70 के स्तर पर संघर्ष करता नजर आया। सबसे अधिक मार आईटी कंपनियों पर पड़ी है। निफ्टी आईटी इंडेक्स में 3 प्रतिशत से ज्यादा की भारी गिरावट देखी गई।

 

 

 

 

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