पलामू: झारखंड के पलामू जिले में अवैध रूप से कोयला, बालू और अन्य खनिज संपदा की ढुलाई और परिवहन में संलिप्त वाहनों के खिलाफ जिला प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पलामू के जिलाधिकारी (डिप्टी कमिश्नर) दिलीप प्रताप सिंह शेखावत के सख्त निर्देशों के बाद जिला खनन विभाग ने अवैध परिवहन में लिप्त वाहनों के विरुद्ध एक विशेष और व्यापक अभियान का आगाज किया है। इसी कड़ी में बीते सोमवार की रात जिले के अलग-अलग संवेदनशील इलाकों में जिला खनन पदाधिकारी सुनील कुमार के नेतृत्व में ताबड़तोड़ छापेमारी अभियान चलाया गया, जिसके दौरान अवैध ढुलाई में शामिल कुल चार वाहनों को मौके पर दबोच कर जब्त कर लिया गया। जब्त किए गए सभी वाहनों को संबंधित स्थानीय थानों के सुपुर्द कर दिया गया है।
नेशनल हाईवे और विभिन्न थाना क्षेत्रों में की गई छापेमारी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, खनन विभाग की टीम ने नेशनल हाईवे पर लातेहार सीमा क्षेत्र से अवैध रूप से कोयला लादकर ले जा रही एक संदिग्ध गाड़ी को धर दबोचा। पकड़े गए इस वाहन को नावाबाजार थाना परिसर में सुरक्षित खड़ा कराया गया है और वाहन मालिक व चालकों के खिलाफ विधिवत प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके अलावा, खनन विभाग की टीम ने नावाबाजार थाना क्षेत्र के भीतर ही एक अन्य अभियान चलाकर अवैध रूप से बालू की ढुलाई कर रहे एक अन्य वाहन को भी जब्त कर लिया। वहीं दूसरी तरफ, छतरपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत कार्रवाई करते हुए विभाग ने स्टोन डस्ट और पत्थर (स्टोन) लादकर जा रही दो अलग-अलग गाड़ियों को अपने कब्जे में लिया। इन दोनों मामलों में भी कड़े कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है और दोनों वाहनों को संबंधित थाने में खड़ा कराया गया है।
जिला खनन पदाधिकारी ने की पुष्टि, अवैध कारोबारियों पर कसेगा शिकंजा
इस पूरी कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि करते हुए जिला खनन पदाधिकारी सुनील कुमार ने बताया कि जिले में खनिज संपदाओं के अवैध उत्खनन और उनकी अवैध ढुलाई के खिलाफ प्रशासन का यह अभियान पूरी सख्ती के साथ लगातार जारी रहेगा। उन्होंने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि इस प्रकार के अवैध कारोबार में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और सभी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। विभाग की इस औचक कार्रवाई से अवैध कारोबारियों और माफियाओं के बीच हड़कंप मच गया है।


