दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को 2025 के विधानसभा चुनाव में अपनी सीट गंवाने का जो जख्म मिला था, वह डेढ़ साल बाद एक बार फिर ताजा हो गया है. नई दिल्ली सीट की वोटर लिस्ट से नाम जुटने और काटे जाने को लेकर सामने आए नए मीडिया दावों के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाना शुरू कर दिया है, और पार्टी की पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी (PAC) की बैठक में भी इसे लेकर गंभीर चर्चा की गई.

📊 2. न्यूजलॉन्ड्री की रिपोर्ट में क्या किए गए हैं दावे? चुनाव के बाद से अब तक हजारों वोटर्स के नाम हटाने का आरोप

एक मीडिया रिपोर्ट के हवाले से दावा किया गया है कि जिस सीट पर अरविंद केजरीवाल बेहद कम अंतर से चुनाव हारे थे, वहां चुनाव से पहले जुड़े नए वोटर्स में से 40 फीसदी का नाम एसआईआर (SIR) के बाद की ड्राफ्ट लिस्ट से गायब है. रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी 2025 से लेकर अब तक और चुनाव के समय कुल मिलाकर हजारों की संख्या में मतदाताओं के नाम जोड़े और हटाए गए हैं, जिसे आधार बनाकर ‘आप’ नेता लगातार चुनाव आयोग और बीजेपी पर फर्जी वोटिंग और गड़बड़ी के गंभीर आरोप लगा रहे हैं.

🗣️ 3. मनीष सिसोदिया और अरविंद केजरीवाल के हमलों पर बीजेपी नेता प्रवेश वर्मा ने किया पलटवार, दिए आंकड़े

मनीष सिसोदिया ने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले बड़े पैमाने पर फर्जी वोट बनाए गए थे, और जन्मदिन की बधाई देते हुए अरविंद केजरीवाल ने भी पीएम मोदी पर तीखा हमला बोला. इसके जवाब में नई दिल्ली सीट से चुनाव जीतने वाले और मौजूदा मंत्री प्रवेश वर्मा ने मोर्चा संभालते हुए कहा कि जनता को गुमराह करना बंद किया जाए, क्योंकि सरोजिनी नगर में फ्लैट्स के रीडेवलपमेंट और सरकारी कर्मचारियों के आने-जाने के कारण वोटर लिस्ट में स्वाभाविक बदलाव हुए हैं, और पूरी प्रक्रिया में कोई गड़बड़ी नहीं हुई है.

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