दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी के विधायक गजेंद्र सिंह दराल के खिलाफ एससी-एसटी ऐक्ट और विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. आरोप है कि विधायक ने अपनी ही पार्टी के दलित नेता और मंडल अध्यक्ष सुनील कुमार को दफ्तर में बंद करके न सिर्फ प्रताड़ित किया बल्कि उन पर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए अत्याचार किए. पीड़ित सुनील ने सोशल मीडिया पर वायरल हुए कई वीडियो में अपनी पीठ और जांघों पर चोट के निशान दिखाए हैं, जो (BJP sent notice to MLA) मारपीट की वजह से लाल और नीले पड़ चुके हैं.
कांझवाला थाने में कई गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज
गजेंद्र सिंह दराल मुंडका से भाजपा के पहली बार के विधायक हैं और इससे पहले वह निगम पार्षद तथा स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य भी रह चुके हैं. उन्होंने 2025 के विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की थी. कांझवाला मंडल के अध्यक्ष सुनील कुमार की शिकायत पर कांझवाला पुलिस थाने में बीएनएस की धाराओं जैसे जानबूझकर चोट पहुंचाना, गलत तरीके से बंधक बनाना, आपराधिक धमकी, साजिश और शस्त्र अधिनियम के साथ-साथ एससी-एसटी एक्ट के (BJP sent notice to MLA) तहत मामला दर्ज किया गया है.
क्या हैं पीड़ित सुनील कुमार के आरोप?
शिकायत के अनुसार, सुनील कुमार को गुरुवार शाम को मतदाता सूची पर चर्चा करने के बहाने कार्यालय बुलाया गया था, जहां उन्हें बंद कर दिया गया और पाइप, डंडे व बेल्ट से बेरहमी से पीटा गया. सुनील ने अपने वीडियो संदेश में दावा किया कि उन्हें पूरी रात कार्यालय में रोककर रखा गया और इस दौरान कथित घटना के वक्त सीसीटीवी कैमरे भी बंद कर दिए गए थे. भाजपा के महासचिव और कार्यालय प्रभारी विष्णु मित्तल ने आधिकारिक पत्र जारी कर विधायक गजेंद्र सिंह दराल और पीड़ित सुनील कुमार दोनों को पार्टी मुख्यालय में राज्य अनुशासन समिति के सामने पेश होकर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है.
