प्रधानमंत्री ने रविवार को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के पहले चरण की शुरुआत की। एक्सप्रेस-वे का दिल्ली-दौसा-लालसोट सेक्शन 247 किलोमीटर लंबा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इसके (Delhi Mumbai Express) चालू हो जाने से दिल्ली से जयपुर जाने में लगने वाला समय आधा रह जाएगा। पहले इसमें 5 घंटे लगते थे, अब करीब 3.5 घंटे लगेंगे। जो लोग काम के सिलसिले में दिल्ली जाते हैं, वे काम खत्म कर शाम को घर लौट सकते हैं। यह बात दीगर है कि कार से वन-वे ट्रिप में 585 रुपये टोल के लग जाएंगे। इससे दिल्ली और मुंबई के बीच यात्रा की दूरी 12 फीसदी कम होकर 1,424 किलोमीटर से 1,242 किलोमीटर हो जाएगी और यात्रा का समय आधा होकर 24 घंटे से 12 घंटे हो जाएगा।
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इस एक्सप्रेसवे पर हर एक किमी पर कैमरे लगे हैं। एक कैमरे से 360 डिग्री पर 500 मीटर दूरी तक नजर रखी जा सकेगी। खराब मौसम में भी कैमरे ठीक से काम करेंगे। हर 10 किमी की दूरी पर 240 किमी की रफ्तार से दौड़ रहे वाहन की नंबर प्लेट रीड करने की क्षमता वाले कैमरे लगाए गए हैं। एक्सप्रेसवे पर 78 किमी की दूरी के बीच लगे कैमरों में या फिर अन्य किसी भी डिवाइस या सिस्टम में खराबी आती है तो कंट्रोल रूम को अलर्ट मिल जाएगा। इस पर सिस्टम की हेल्थ मॉनिटरिंग व नेटवर्क क्वॉलिटी के बारे में पल-पल की जानकारी मिलेगी।
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Delhi Mumbai Express – कार के लिए 120 स्पीड तय की गई है। तय स्पीड से ज्यादा स्पीड होने पर तुंरत ही अलर्ट किया जाएगा। इसके लिए कुछ-कुछ दूरी पर स्पीकर लगाए गए हैं। कैमरों के माध्यम से फास्ट टैग रीड हो सकेगा, जिससे कार मालिक के मोबाइल नंबर सहित अन्य जानकारी मिल सकेगी। कंट्रोल रूम व पेट्रोलिंग टीम के बीच कम्युनिकेशन गैप नहीं हो, इसके लिए एक मोबाइल एप्लीकेशन बना है। इसका फायदा यह होगा कि अगर कोई गाड़ी खराब होती है या ओवर स्पीड में चलती है, रॉन्ग साइड आती है या फिर किसी वाहन सवार द्वारा कंट्रोल रूम से मदद मांगी जाती है तो गाड़ी की लोकेशन को ट्रैक कर तत्काल मदद की जाएगी।
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एक्सप्रेसवे पर 78 किमी की दूरी के बीच लगे कैमरों में या फिर अन्य किसी भी डिवाइस या सिस्टम में खराबी आती है तो कंट्रोल रूम को अलर्ट मिल जाएगा। इस पर सिस्टम की हेल्थ मॉनिटरिंग व नेटवर्क क्वॉलिटी के बारे में पल-पल की जानकारी मिलेगी।इमरजेंसी कॉल बॉक्स लगाए गए हैं और काफी जगहों पर इन्हें लगाने का काम चल रहा है। हर 4-5 पांच किमी पर दाईं और बाई लेन दोनों तरफ एक एक कॉल बॉक्स लगाया गया है। सभी सीधे जीपीएस से भी जुड़े हैं और सौर ऊर्जा से संचालित हैं। सिर्फ एक बटन दबाने से कंट्रोल रूम में बातें होने लगेंगी।
