नई दिल्ली : दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में रहने वाले आम नागरिकों पर महंगाई का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले 10 दिनों के भीतर तीसरी बार पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी के बाद अब आम जनता को एक और बड़ा झटका लगा है। दिल्ली-एनसीआर में एक बार फिर सीएनजी (CNG) की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस बार सीएनजी की दरों में सीधे 1 रुपये प्रति किलो का इजाफा किया गया है। इस नई बढ़ोतरी के बाद देश की (Delhi CNG Price Hike) राजधानी दिल्ली में अब सीएनजी की कीमत बढ़कर 81.09 रुपये प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई है।
🚕 चालकों ने सरकार से की विशेष सब्सिडी की मांग
सीएनजी की कीमतों में आई इस ताजा तेजी का सबसे सीधा और बड़ा असर ऑटो-रिक्शा, काली-पीली टैक्सी और ऐप आधारित कैब (Ola-Uber) सेवाओं पर पड़ने जा रहा है। दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न रूटों पर लाखों लोग रोजाना सार्वजनिक परिवहन और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी के तौर पर सीएनजी वाहनों पर पूरी तरह निर्भर रहते हैं। ईंधन महंगा होने से ड्राइवरों की दैनिक परिचालन लागत बढ़ेगी, जिसका सीधा खामियाजा आने वाले दिनों में किराए में बढ़ोतरी के रूप में आम यात्रियों को ही भुगतना पड़ सकता है। कई चालक यूनियनों ने सरकार से वित्तीय राहत या सीएनजी पर विशेष सब्सिडी देने की मांग उठानी शुरू कर दी है।
📉 पहले से ही भारी दबाव में हैं मध्यमवर्गीय उपभोक्ता
दिल्ली में पहले से ही पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतें ऐतिहासिक रूप से काफी ऊंची बनी हुई हैं। ऐसे में पर्यावरण अनुकूल समझे जाने वाले ईंधन सीएनजी की कीमत बढ़ने से मध्यमवर्गीय परिवारों के मासिक बजट पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा। खासकर वे नौकरीपेशा लोग जो रोजाना ऑफिस, स्कूल और व्यावसायिक (Delhi CNG Price Hike) कामों के लिए निजी सीएनजी कारों का इस्तेमाल करते हैं, उनकी जेब पर इसका सीधा असर पड़ेगा।
