लखनऊ/नोएडा : उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने दिल्ली और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) के बीच विश्वस्तरीय और तेज रफ्तार कनेक्टिविटी को अभूतपूर्व बढ़ावा देने की दिशा में एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। सूबे के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ ने आधिकारिक जानकारी साझा (DPR of rapid rail corridor) करते हुए बताया कि प्रस्तावित रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) यानी रैपिड रेल कॉरिडोर के जरिए दिल्ली से जेवर एयरपोर्ट तक का लंबा सफर भविष्य में महज 21 मिनट में पूरा किया जा सकेगा।

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 DPR of rapid rail corridor – औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ने यह महत्वपूर्ण जानकारी लखनऊ स्थित पिकअप (PICUP) भवन में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) की फ्लैगशिप परियोजनाओं की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान दी। उन्होंने बताया कि दिल्ली-जेवर आरआरटीएस (RRTS) कॉरिडोर की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) को राज्य सरकार ने अपनी कैबिनेट से पूरी तरह मंजूरी दे दी है।

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राज्य सरकार का दृढ़ मानना है कि इस हाई-स्पीड रैपिड रेल परियोजना के धरातल पर पूरा होने के बाद नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की वैश्विक कनेक्टिविटी को चार चांद लग जाएंगे। इससे न केवल यात्रियों को आसानी होगी, बल्कि जेवर और यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में बड़े पैमाने पर विदेशी निवेश, नए उद्योग, लॉजिस्टिक्स हब और वैश्विक पर्यटन को भी अभूतपूर्व बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही दिल्ली-एनसीआर, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लाखों दैनिक यात्रियों को एक्सप्रेसवे पर लगने वाले भारी ट्रैफिक जाम और लंबी दूरी की थकाऊ परेशानी से हमेशा-हमेशा के लिए बड़ी राहत मिल सकेगी।

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