समाजवादी पार्टी (सपा) के पूर्व विधायक दीप नारायण सिंह यादव की मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उनके और उनके पारिवारिक सदस्यों के लखनऊ और झांसी से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की है। ईडी ने यह कार्रवाई यूपी विजिलेंस एस्टेब्लिशमेंट की एफआईआर के आधार पर की है। ईडी ने छापेमारी के दौरान कई (ED raid in Lucknow Jhansi) अहम दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और संपत्तियों से जुड़े रिकॉर्ड जब्त किए हैं।
आय से अधिक संपत्ति और डकैती के 60 मामले दर्ज
ईडी की जांच टीम सुबह-सुबह उनके ठिकानों पर पहुंच गई थी। बता दें कि दीप नारायण पर डकैती और आय से अधिक संपत्ति जैसे करीब 60 मामले दर्ज हैं। इस समय वह जेल में हैं और उनके पूरे साम्राज्य पर ईडी, विजिलेंस और यूपी पुलिस का शिकंजा कसा हुआ है। दीप नारायण सिंह यादव यूपी के झांसी से समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक हैं। 2007 और 2012 में गरौठा विधानसभा सीट से वो दो बार विधायक चुने गए थे।
कौन हैं सपा के पूर्व MLA दीप नारायण?
21 जुलाई 1969 को झांसी में जन्मे दीप नारायण के राजनीतिक करियर की शुरुआत एक छात्र नेता के रूप में हुई थी। कांग्रेस के छात्र संगठन NSUI के टिकट पर उन्होंने बुंदेलखंड इंटर कॉलेज से छात्रसंघ का चुनाव (ED raid in Lucknow Jhansi) जीता था। इसके बाद 1992 में वे बुंदेलखंड कॉलेज के छात्रसंघ अध्यक्ष बने। इसी दौरान वे मुलायम सिंह यादव के संपर्क में आए और समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए।


