जून 2026 का महीना ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। 15 जून 2026 को ज्येष्ठ अधिकमास की सोमवती अमावस्या और…
धार्मिक
सनातन धर्म में ज्येष्ठ मास के मंगलवार का विशेष महत्व है, जिन्हें ‘बड़ा मंगल’ या ‘बुढ़वा मंगल’ के रूप में मनाया जाता है।
हिंदू धर्म में प्रत्येक माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को ‘कालाष्टमी’ के रूप में मनाया जाता है। यह तिथि भगवान शिव के रौद्र और न्यायप्रिय स्वरूप ‘काल भैरव’ को समर्पित है।
वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सभी ग्रहों में से शनि की चाल सबसे धीमी होती है, जिसके कारण इनका प्रभाव जातक पर लंबे समय तक रहता है.
कालाष्टमी के दिन किसी भी काले कुत्ते को आदरपूर्वक कच्चा दूध पिलाएं या दूध-रोटी बनाकर खिलाएं. यह उपाय काल भैरव को तुरंत प्रसन्न करता है.
सनातन धर्म में जब पुरुषोत्तम मास में गुरुवार का संयोग बनता है, तो यह समय पूजा-अर्चना और दान के लिए अत्यंत शुभ हो जाता है।
सनातन धर्म में ज्येष्ठ माह के मंगलवार का अत्यंत महत्व है, जिन्हें ‘बड़ा मंगल’ कहा जाता है। आज पांचवां बड़ा मंगल है, जो इस वर्ष ज्येष्ठ अधिकमास में पड़ रहा है।
सनातन धर्म में ज्येष्ठ माह के मंगलवारों का विशेष महत्व है, जिन्हें ‘बड़ा मंगल’ या ‘बुढ़वा मंगल’ कहा जाता है। आज ज्येष्ठ मास का पांचवां बड़ा मंगल है।
भगवान विष्णु को समर्पित इस माह की पूर्णिमा पर स्नान, दान और पूजा का फल सामान्य पूर्णिमा की तुलना में कई गुना अधिक प्राप्त होता है।
अधिकमास को भगवान विष्णु का मास कहा जाता है। उन्होंने स्वयं इसे अपना नाम ‘पुरुषोत्तम’ दिया है, जिसके कारण इसे पुरुषोत्तम माह या मलमास भी कहा जाता है।

