Business News today-इनोवेशन इंडेक्स में महाराष्ट्र तथा दक्षिण के राज्यों का दबदबा:
नीति आयोग द्वारा बुधवार को जारी दूसरे इनोवेशन इंडेक्स में कर्नाटक, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, तेलंगाना और केरल को शीर्ष पांच राज्यों में स्थान भिला. आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार और सीइओ अमिताभ कांत द्वारा जारी इनोवेशन ईंडेक्स को ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स की तर्ज पर विकसित किया गया है. इस इंडेक्स में झारखंड, छत्तीसगढ़ और बिहार का स्थान सबसे नीचे रहा. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इनोवेशन इंडेक्स का दूसरा संस्करण जारी किया गया.

इंडिया इनोवेशन इंडेक्स 2020 इनोवेशन को बढ़ावा देने के प्रयासों तथा उनके सापेक्ष प्रदर्शन के आधार पर राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को स्थान देता है. इस सूचकांक का मकसद इनोवेशन के क्षेत्र में राज्यों की ताकत और कमजोरियों का पता लगाकर उन्हें इस दिशा में मजबूती लाने के लिए प्रेरित करना है इस सूचकांक में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को तुलना के लिहाज से 17 प्रमुख राज्यों, 10 पूर्वोतर और पहाड़ी राज्यों तथा नौ शहरी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित किया गया है.

इडेक्स का पहला संस्करण अकूबर 2019 को लॉन्च हुआ था. साल 2019 के मिले आकड़ो के हिसाब से कर्नाटक, तमिलनाडु और महाराष्ट्र शीर्ष तीन में शामिल थे. 17 नबर पर झारखंड था. वही उतरपूर्वी और पहाड़ी राज्यो में सिक्किम पहले नंबर पर था. जबकि, केंद्र शासित प्रदेशो के मामले मे पहले नंबर पर मौजूद राजधानी दिल्ली का प्रदर्शन सबसे बढ़िया था.

इनोवेशन एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया हैं, इसमें जो राज्य आगे हैं वो इस बात के महत्व को भलीभांति समझते हैं, जो पीछे हैं उन्हें इसे समझना शुरू करना चाहिए, और आने वाले दिनों में अपने राज्य को बेहतर रैंकिंग में लेन का प्रयास शुरू करना चाहिए, जिससे की राज्य की प्रगति के इंजन में इनोवेशन का डिब्बा भी जुड़ के चलता रहे |

इनोवेशन न सिर्फ विज्ञान के क्षेत्र में जरुरी हैं, बल्कि ये सभी क्षेत्रों की जरुरत हैं, चाहे वो व्यापर हो या फिर प्रशासन हर जगह नयेपन के लिए खुले और आगे रहने वाले आईडिया और इनोवेशन उस क्षेत्र को दश ही नहीं विदेश में भी आगे रखते हैं |

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