एक बार फिर से यूजर्स की प्राइवेसी को लेकर बहस छिड़ गई है, हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने WhatsApp यूजर्स की प्राइवेसी को लेकर मेटा और व्हाट्सऐप को फटकार लगाई है. कोर्ट ने इस बात को साफ कर दिया है कि यूजर्स के डेटा का गलत तरीके से इस्तेमाल बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. SC से फटकार (WhatsApp Privacy Case) लगने के बाद Telegram CEO Pavel Durov ने माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट शेयर कर Mark Zuckerberg के एक पुराने चैट मैसेज का स्क्रीनशॉट शेयर किया है जो 2004 का है. उस समय जब जुकरबर्ग हार्वर्ड में स्टूडेंट थे और उन्होंने तभी Facebook को शुरू किया था.
WhatsApp Privacy Case – स्क्रीनशॉट में नजर आ रहे मैसेज को देखने से इस बात का पता चलता है कि जुकरबर्ग दूसरे स्टूडेंट्स से ईमेल, फ़ोटो, एड्रेस और सोशल सिक्योरिटी नंबर जैसी पर्सनल डिटेल्स इकट्ठा करने का मजाक उड़ा रहे हैं. लोग जुकरबर्ग पर भरोसा कर उन्हें डिटेल्स शेयर कर रहे थे. यह चैट कई सालों से ऑनलाइन थी, लेकिन टेलीग्राम सीईओ ने एक तीखे कमेंट के साथ इसे फिर से फोकस में ला दिया.
Telegram CEO Pavel Durov ने चैट को शेयर करते हुए लिखा कि तब से सिर्फ एक चीज बदली है, वो है इसका स्केल. उनके मुताबिक, पहले कुछ हजार लोगों थे लेकिन अब फेसबुक के पास अरबों लोग का डेटा है. उनकी आलोचना साफ तौर पर मेटा पर थी जिसके पास Facebook, Instagram और WhatsApp का मालिकाना हक है. आज, WhatsApp का मालिक 4 हजार पर नहीं, बल्कि 4 अरब लोगों पर हंस रहा है, जो उसके दावों (जैसे WhatsApp का एन्क्रिप्शन) पर भरोसा करते हैं.
