वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज यानी 1 फरवरी को यूनियन बजट 2026-27 पेश करेंगी. टेक सेक्टर की उम्मीदें भी इस बजट पर टिकी हुई हैं. इस साल के आम बजट से भारत का टेक्नोलॉजी सेक्टर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और स्किल डेवलपमेंट के क्षेत्र में मजबूत सपोर्ट की उम्मीद कर रहा है. आईटी, एआई, सेमीकंडक्टर और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कंपनियां सरकार से ठोस नीति और बड़े निवेश संकेत चाहती हैं. इंडस्ट्री (Budget 2026) का मानना है कि अगर AI ecosystem, डिजिटल नेटवर्क और रिसर्च इनोवेशन को बढ़ावा मिला तो भारत की टेक ग्रोथ नई रफ्तार पकड़ सकती है. इकोनॉमिक सर्वे में भी AI को प्रेस्टिज रेस नहीं बल्कि आर्थिक रणनीति बताया गया है, जिससे संकेत साफ हैं कि फोकस प्रैक्टिकल इस्तेमाल पर रहेगा.
AI इकोसिस्टम पर रहेगा सबसे बड़ा फोकस
इकोनॉमिक सर्वे ने साफ किया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को सिर्फ टेक्नोलॉजी शोपीस नहीं बल्कि आर्थिक रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि भारत का मजबूत इंजीनियरिंग टैलेंट और विविध डेटा सेट AI डेवलपमेंट के लिए बड़ा अवसर है. इंडस्ट्री चाहती है कि बजट में applied AI, डोमेन-स्पेसिफिक मॉडल और ओपन सिस्टम को बढ़ावा देने के लिए फंडिंग और पॉलिसी सपोर्ट मिले. इससे लोकल समस्याओं के लिए किफायती AI सॉल्यूशन तैयार हो सकेंगे. कंपनियों का कहना है कि बॉटम-अप (Bottom-up) AI इनोवेशन भारत के लिए सबसे व्यावहारिक रास्ता है.
डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और स्मार्ट वर्कप्लेस की मांग
टेक फर्म्स चाहती हैं कि सरकार डिजिटल और इंटेलिजेंस-फर्स्ट इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च बढ़ाए. AI, डेटा प्लेटफॉर्म और क्लाउड नेटवर्क को फिजिकल सेक्टर से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है. इंडस्ट्री का (Budget 2026) मानना है कि डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर का अगला चरण AI-इंटीग्रेटेड सिस्टम का होना चाहिए. इससे प्रोडक्टिविटी, ऑटोमेशन और वर्कफ्लो एफिशिएंसी बढ़ेगी. एंटरप्राइज सेक्टर को AI टूल्स अपनाने के लिए टैक्स इंसेंटिव और कैपिटल सपोर्ट की भी मांग उठ रही है.
