नंदुरबार : महाराष्ट्र में नंदुरबार जिले के नवापुर से एवियन इन्फ्लूएंजा (बर्ड फ्लू) के पहले संदिग्ध ह्यूमन केस सामने आए हैं, जिसने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए राज्य प्रशासन ने बर्ड फ्लू प्रभावित क्षेत्रों में पक्षियों को मारने (कलिंग) और वायरस रोकथाम के काम में लगे सभी ग्राउंड कर्मचारियों (Bird Flu in Maharashtra) की अनिवार्य RT-PCR जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
Bird Flu in Maharashtra – जिला स्वास्थ्य अधिकारी रविंद्र सोनवणे ने बताया कि ये 8 सैंपल उन लोगों के हैं जो नंदुरबार जिले में संक्रमित पोल्ट्री और दूसरे पक्षियों के सीधे संपर्क में आए थे। गौरतलब है कि नंदुरबार इस समय पूरे महाराष्ट्र राज्य में बर्ड फ्लू से सबसे अधिक प्रभावित जिला बना हुआ है। सोनवणे के अनुसार, “8 लोगों के सैंपल इसलिए लिए गए हैं क्योंकि वे पक्षियों के लगातार संपर्क में थे या उन्हें डिस्पोज करने की प्रक्रिया का हिस्सा थे।
दो स्वास्थ्य कर्मचारियों में दिखे थे फ्लू के लक्षण
स्वास्थ्य अधिकारी सोनवणे ने स्पष्ट किया कि अभी तक किसी भी नियमित सरकारी कार्यालय कर्मचारी का कोई सैंपल नहीं भेजा गया है। इससे पहले जिले में दो संदिग्ध मामले पशु चिकित्सा विभाग के फील्ड कर्मचारियों अशोक लालसिंग पवार (49) और इंदस गोवल्या वाल्वी (36) से जुड़े पाए गए थे। ये दोनों ही कर्मचारी ग्राउंड जीरो पर बर्ड फ्लू की रोकथाम के उपायों में सीधे तौर पर शामिल थे। पवार में 2 मई को फ्लू के शुरुआती लक्षण दिखे थे और उन्हें 4 मई को नवापुर सब-डिस्ट्रिक्ट अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि वाल्वी में 3 मई को लक्षण दिखने के बाद 5 मई को अस्पताल में आइसोलेट किया गया था।
