रांची : राज्य में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे नौकरी के इच्छुक अभ्यर्थियों और पुलिस के बीच हुई हिंसक झड़प के मामले में कानूनी शिकंजा कस गया है गिरिडीह और हजारीबाग में सरकारी कार्य में बाधा डालने, पुलिसकर्मियों पर हमले और रास्ता जाम करने के आरोप में 39 नामजद और 900 से अधिक अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ 3 नई प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई हैं। इससे पूर्व रांची के कोतवाली थाने में भी 14 नामजद big action of police) और 200 अज्ञात लोगों पर 3 अलग-अलग केस दर्ज किए जा चुके हैं।

big action of police – हजारीबाग सदर डीएसपी रूपक कुमार सिंह के अनुसार, 21 अगस्त को गांधी मैदान में हजारों छात्रों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला फूंकने का प्रयास किया था, जिसे रोकने के दौरान पुलिस से सीधी झड़प हो गई। सदर क्षेत्राधिकारी (CO) आशुतोष कुमार के आवेदन पर कोर्रा पुलिस स्टेशन में 18 नामजद और 700 अज्ञात लोगों पर केस दर्ज किया गया है।

 बाबूलाल मरांडी और आइशी घोष ने की एफआईआर वापसी की मांग

 झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सरकार की कड़ी निंदा करते हुए सभी मुकदमे तुरंत वापस लेने की मांग की और युवाओं से कहा कि यदि केस वापस नहीं होते हैं तो जेल भरो आंदोलन शुरू करें। जेएनयू छात्रसंघ की पूर्व अध्यक्ष व एसएफआई  नेता आइशी घोष ने कहा कि छात्रों की मांगें जायज हैं और सरकार को बर्बरता व मुकदमों के बजाय संवाद का रास्ता चुनना चाहिए।

 

 

 

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