रांची : राज्य सरकार द्वारा झारखंड संयुक्त स्नातक स्तरीय (JSSC CGL) परीक्षा रद्द किए जाने के निर्णय के बाद सफल अभ्यर्थियों और कार्यरत कर्मियों का आक्रोश चरम पर पहुंच गया। बुधवार को भारी बारिश के बीच बड़ी संख्या में आंदोलनकारी अपनी मांगों को लेकर रांची स्थित प्रोजेक्ट भवन (झारखंड मंत्रालय) पहुंचे। सुरक्षाबलों द्वारा रोके जाने पर (cgl exam canceled) माहौल तनावपूर्ण हो गया और आक्रोशित प्रदर्शनकारी पुलिस घेरा तोड़ते हुए जबरन प्रोजेक्ट भवन परिसर के भीतर दाखिल हो गए और सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी।
‘जिस दफ्तर में काम किया, वहीं से निकाल बाहर किया’
परिसर के भीतर हृदयविदारक दृश्य देखने को मिला, जहां महीनों से नौकरी कर रहे अभ्यर्थी बेहद भावुक नजर आए:
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रोजी-रोटी का संकट: प्रदर्शन के दौरान कई युवा एक-दूसरे से लिपटकर रोते दिखे। उनका कहना था कि जिस सचिवालय और कार्यालयों में वे कल तक पूरी निष्ठा से काम कर रहे थे, आज उन्हें अचानक बाहर कर दिया गया और देखते ही देखते उनकी नौकरी छीन ली गई।
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भविष्य पर अनिश्चितता: अभ्यर्थियों ने कहा कि सालों की मेहनत और चयन के बाद अचानक परीक्षा रद्द कर दिए जाने से उनके सामने आर्थिक और सामाजिक संकट खड़ा हो गया है।
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खुले आसमान में आंदोलन जारी रखने का संकल्प
आंदोलनकारियों ने सरकार पर उनकी मांगों की अनदेखी करने (cgl exam canceled) का आरोप लगाया:
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अनुमति न मिलने का आरोप: प्रदर्शनकारी दीनबंधु दुबे ने बताया कि वे पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रख रहे हैं। मंत्रालय के बाहर टेंट लगाने तक की अनुमति नहीं दी गई, जिसके चलते उन्हें तेज बारिश में खुले आसमान के नीचे आंदोलन करने पर मजबूर होना पड़ा।
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उग्र आंदोलन की चेतावनी: अभ्यर्थियों ने दो टूक कहा कि जब तक सरकार CGL परीक्षा रद्द करने का फैसला वापस लेकर उनकी बहाली सुनिश्चित नहीं करती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा और आने वाले दिनों में इसे राज्यव्यापी स्तर पर और अधिक तेज किया जाएगा।
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