हजारीबाग : देश आजादी का 80वां वर्षगांठ मना रहा है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क और बुनियादी ढांचे की स्थिति आज भी बदहाल बनी हुई है। हजारीबाग जिले के ईचाक प्रखंड में भी लोग एक अदद पक्की सड़क के लिए वर्षों से संघर्ष कर रहे हैं। जिले के ईचाक प्रखंड अंतर्गत जोगीडीह गांव से फुफंदी चौक होते हुए मनाई चौक (protested by planting paddy on road) तक लगभग 9 किलोमीटर लंबी जर्जर सड़क को लेकर ग्रामीणों ने आंदोलन छेड़ दिया है। प्रशासन और सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए ग्रामीणों ने सड़क के बड़े-बड़े गड्ढों और कीचड़ के बीच सांकेतिक रूप से धान रोपकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है।

 एक दशक से बदहाल है 9 किमी सड़क, एक दर्जन गांवों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित

ग्रामीणों के अनुसार यह मुख्य संपर्क मार्ग पिछले लगभग 10 वर्षों से उपेक्षा का शिकार है:

    • प्रभावित पंचायतें व गांव: इस 9 किलोमीटर लंबे मार्ग से दरिया, बरका खुर्द और डाडीघाघर पंचायत समेत एक दर्जन से अधिक गांवों के हजारों लोगों की रोजाना आवाजाही होती है।

    • बरसात में नारकीय स्थिति: पिछले करीब एक दशक से पक्की सड़क का निर्माण न होने के कारण बारिश के मौसम में यह मार्ग तालाब और दलदल में तब्दील हो जाता है।

    • किसानों की समस्या: ग्रामीण किसानों को अपनी फसल, खाद और बीज मंडी तक लाने-ले जाने में भारी आर्थिक नुकसान व कठिनाई झेलनी पड़ रही है।

 प्रशासन को दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी, मांग पूरी न होने पर करेंगे घेराव

सड़क निर्माण की मांग को लेकर एकजुट हुए ग्रामीणों ने प्रशासन (protested by planting paddy on road) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है:

    • घेराव की चेतावनी: प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जिला प्रशासन और सरकार ने सड़क निर्माण की दिशा में शीघ्र ठोस पहल नहीं की, तो आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा और जिला मुख्यालय पहुंचकर उपायुक्त (DC) कार्यालय का घेराव किया जाएगा।

       

 

 

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