प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रिचा इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) से जुड़े करीब 236 करोड़ रुपये के बैंक घोटाले के मामले में बड़ा एक्शन लिया है. ED की गुरुग्राम जोनल ऑफिस ने कंपनी के पूर्व प्रमोटर और निलंबित मैनेजिंग (big action in 236 crore bank scam) डायरेक्टर संदीप गुप्ता को 20 जनवरी को मनी लॉन्ड्रिंग कानून (PMLA) के तहत गिरफ्तार किया है. इसके बाद उन्हें विशेष अदालत, गुरुग्राम में पेश किया गया, जहां अदालत ने 8 दिन की ईडी रिमांड पर भेज दिया है.

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ED ने यह जांच सीबीआई की एफआईआर के आधार पर शुरू की थी. सीबीआई ने संदीप गुप्ता समेत अन्य पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। आरोप है कि 2015 से 2018 के बीच सरकारी बैंकों को करीब 236 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया गया. जांच में सामने आया कि रिचा इंडस्ट्रीज ने बिना सामान सप्लाई किए फर्जी बिक्री दिखाई गई. कपड़े (कॉटन फैब्रिक) की 7.42 करोड़ रुपये की फर्जी बिक्री ,सोलर प्रोजेक्ट से जुड़ी 8.50 करोड़ रुपये की मनगढ़ंत बिक्री. ये सभी लेन-देन शेल कंपनियों के जरिए दिखाए गए.

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big action in 236 crore bank scam – ED के मुताबिक, बिल, लेजर और खातों में हेरफेर कर कंपनी का टर्नओवर बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया गया ताकि बैंकों को गुमराह किया जा सके. इतना ही नहीं, कंपनी ने 9.23 करोड़ रुपये की ZLD मशीनों की फर्जी खरीद भी दिखाई, जबकि जिस कंपनी से खरीद बताई गई, उसका इस तरह के कारोबार से कोई लेना-देना नहीं था. ईडी की जांच में यह भी खुलासा हुआ कि 2015-16 से 2017-18 के बीच करीब 16.40 करोड़ रुपये ग्रुप कंपनियों में लोन चुकाने के नाम पर ट्रांसफर किए गए. 2018-19 में कंपनी के पैसों से दूसरी कंपनी में नियंत्रण हासिल किया गया. कुछ शेयर बेहद कम कीमत पर ट्रांसफर कर कंपनी को नुकसान पहुंचाया गया.

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