विद्या बालन को शुरू से ही बेहद प्रभावशाली अभिनेत्री माना जाता है| उन्होंने बॉलीवुड को एक से बढ़कर एक फ़िल्में दी हैं चाहे वह कॉमेडी हो, रोमांस हो, थ्रिल हो, या क्राइम हो| विद्या बालन ने हर तरह की फ़िल्मों में काम किया इसके लिए उन्हें बहुत से पुरस्कारों से सम्मानित भी किया गया है| आज हम विद्या बालन जैसी प्रतिभाशाली एक्ट्रेस की बेस्ट मूवीज़ के बारे में बात करेंगे और उनकी कहानियों के बारे में बताएंगे कि क्यों वह फ़िल्में सबसे खास मानी जाती हैं बॉलीवुड में|
ये हैं विद्या बालन की बेस्ट मूवीज़
कहानी
2012 की भारतीय हिन्दी भाषा की रहस्य थ्रिलर फ़िल्म है, जो सह-लिखित, सह-निर्मित और सुजॉय घोष द्वारा निर्देशित है| इसमें विद्या बालन, विद्या बागची के रूप में एक गर्भवती महिला का किरदार निभा रहीं है, जो दुर्गा पूजा के त्यौहार के दौरान कोलकाता में अपने लापता पति की तलाश करने आती हैं जिसे सत्योकी “राणा” सिन्हा (परमब्रत चटर्जी) और खान (नवाजुद्दीन सिद्दीकी) द्वारा सहायता प्राप्त होती है|
यह फ़िल्म विद्या की अब तक की सभी फ़िल्मों में सबसे बेहतरीन फ़िल्मों में से एक है| इस फ़िल्म को IMDb पर 8.1/10 की रेटिंग मिली है| फ़िल्म ने कई पुरस्कार जीते, जिसमें तीन राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार और पांच फ़िल्मफेयर पुरस्कार शामिल हैं| अगर आप सस्पेंस और थ्रिल से भरी फ़िल्में पसंद करते है तो आप कहानी ज़रूर देखें|
लगे रहो मुन्ना भाई
यह 2003 में बनी हिन्दी फ़िल्म मुन्ना भाई एमबीबीएस का दूसरा भाग है जो 2006 में बना| इस फ़िल्म के निर्माता विधु विनोद चोपड़ा है| वही मुख्य कलाकारों की बात करे तो मुख्य कलाकार है- संजय दत्त, अरशद वारसी, विद्या बालन, दिया मिर्ज़ा और बोमन ईरानी| दूसरा भाग होने के उपरांत भी लगे रहो… की कहानी किसी भी तरह से पिछली फ़िल्म से सम्बंधित नहीं है| इस फ़िल्म की कहानी काफी अलग है| इस फ़िल्म के मुख्य किरदारों के नाम मुन्ना और सर्किट है जो इसके प्रथम भाग मुन्ना भाई एम बी-बी एस में भी थे|
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फ़िल्म की कहानी की बात करें तो लगे रहो मुन्ना भाई’ 21वी सदी के शुरूआत के भारतीयों की सोच से जुड़ी हुई कहानी है| इसमें हँसी के फव्वारे के साथ दिल को छू लेने वाला संदेश देने की कोशिश की गई है| मुन्ना (संजय दत्त) एक गुंडा है और प्रसिद्ध रेडियो जॉकी जाह्नवी (विद्या बालन) की आवाज का दीवाना है| मुन्ना की ज़िन्दगी खूबसूरत हो गई है| उसका दादागिरी का धंधा अच्छा चल रहा है और वह रोज घंटों रेडियो सुनता है|
जाह्नवी के साथ शादी के सपने देखता है| इस बीच बस एक छोटी-सी समस्या आ गई है| जाह्नवी मुन्ना को इतिहास का प्रोफेसर समझती है और एक दिन भोलेपन में मुन्ना को अपने परिवार में इतिहास का व्याख्यान देने के लिए भी बुला बैठती है| अब बेचारा मुन्ना क्या करे? बस इसके अलावा सब कुछ ठीक चल रहा है अब मुन्ना को इस बात का हल चाहिए| सर्किट एक नए आइडिया के साथ आता है और फिर मुन्ना के जीवन में अनोखी घटना घटती है| यह फ़िल्म भी बिद्या बालन के कैरियर के सबसे बेहतरीन फ़िल्मों में से एक है। इस फ़िल्म की IMDb पर 8.1 / 10 की रेटिंग मिली है।
इश्किया
2010 की भारतीय ब्लैक कॉमेडी फ़िल्म जिसमें नसीरुद्दीन शाह, विद्या बालन, अरशद वारसी और सलमान शाहिद मुख्य भूमिकाओं में हैं| इसे अभिषेक चौबे ने निर्देशित किया था और वही यह फ़िल्म रमन मारो और विशाल भारद्वाज द्वारा निर्मित है|
वही बात अगर फ़िल्म की कहानी की करें तो इश्किया की शुरुआत कृष्णा वर्मा (विद्या बालन) से होती है, जो एक स्थानीय गिरोह के सरगना विद्याधर वर्मा (आदिल हुसैन) की पत्नी होती है| वह अपने पति को समझाने की कोशिश करती है कि उसे आत्मसमर्पण करना चाहिए| वह सहमत हो जाता है लेकिन जल्द ही एक गैस विस्फोट में मारा जाता है| रोमांच से भरपूर यह फिल्म अमूमम विद्या बालन की बेस्ट मूवीज़ में से एक है|
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दो अपराधी, इफ्तिखार उर्फ खलुजान (नसीरुद्दीन शाह) और रज्जाक हुसैन उर्फ बब्बन (अरशद वारसी) एक नौकरी करते हैं और अपने मालिक, मुश्ताक (सलमान शाहिद) के चंगुल से भाग निकलते हैं, जो उन्हें जिंदा दफन करना चाहता हैं| वे विद्याधर वर्मा के घर में शरण लेने के लिए उत्तर प्रदेश के गोरखपुर आते हैं| जहाँ वह विधवा कृष्णा से मिलते हैं, जो उन्हें आश्रय देती है और उन्हें अपने स्वयं के गुप्त लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए फुसलाने की कोशिश करती है| फ़िल्म को IMDb पर 7.3 / 10 की रेटिंग मिली है|
नो वन किल्ड जेसिका
नो वन किल्ड जेसिका 2011 की भारतीय डॉक्यूमेंट्री थ्रिलर फ़िल्म है, जिसे रॉनी स्क्रूवाला द्वारा निर्मित और राज कुमार गुप्ता द्वारा लिखा और निर्देशित किया गया है| यह फ़िल्म जेसिका लाल की हत्या के मामले पर आधारित है| फ़िल्म में विद्या बालन जेसिका (सबरीना अली) की बहन की भूमिका में है तो वहीं रानी मुखर्जी के रूप में मीरा गैटी जो कि टीवी समाचार रिपोर्टर से प्रेरित चरित्र है| इसमें मोहम्मद जीशान अय्यूब ने जेसिका के हत्यारे मनु शर्मा की भूमिका में हैं|
इसे पाँच फ़िल्मफेयर पुरस्कारों के लिए नामांकित किया गया, जिसने सर्वश्रेष्ठ निर्देशक के लिए गुप्ता, सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के लिए बालन, सर्वश्रेष्ठ डेब्यू (पुरुष) के लिए अयूब और बेस्ट फ़िल्म के लिए स्क्रूवाला, सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री का पुरस्कार जीता|
फ़िल्म की कहानी हर कोई जानता है कि एक पार्टी में ड्रिंक सर्व करने वाली मॉडल जेसिका लाल को गोली मार दी जाती है क्योंकि वह एक मंत्री के बेटे को वक्त खत्म हो जाने के बाद ड्रिंक सर्व करने से मना कर देती है| फ़िल्म यहीं से कहानी को आगे बढ़ा ले जाती है| जहाँ एक बहन की समाज के ताकतवर लोगों के खिलाफ एक मंत्री के बेटे द्वारा मार डाली गई अपनी बहन को न्याय दिलाने की जद्दोजहद करती है| इंटरवल के बाद एक टीवी चैनल की पत्रकार के रूप में रानी मुखर्जी पर्दे पर दाखिल होती हैं और ऐसे वक्त में जेसिका की बहन को सहारा देती है जब वह न्याय की लड़ाई से लगभग हार चुकी होती है| फ़िल्म की IMDb पर 7.2/10 की रेटिंग मिली है|
विद्या बालन की और भी कई ऐसी मूवीज़ हैं जो इस लिस्ट में शामिल नहीं हैं पर वो बेस्ट की केटेगरी में ही आंकी जाती हैं|
Image Source :- in.bookmyshow.com

