दिल्ली के प्रतिष्ठित बीकानेर हाउस में प्रदर्शनी का आयोजन किया (Rehan Vadra Art Exhibition) गया था, जिसमें ज्यादातर तस्वीरें हाल ही में हुए युवा विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी हुई थीं. यह कला प्रदर्शनी कांग्रेस नेत्री प्रियंका गांधी के बेटे रेहान वाड्रा की थी. रेहान का मुख्य आरोप है कि प्रदर्शनी से उनकी अधिकांश तस्वीरों को जबरन हटा दिया गया है. इस प्रदर्शनी का नाम ‘नो आइडिया इज फाइनल’ (No Idea is Final) रखा गया था, जिसमें दिल्ली में हुए युवाओं के विरोध प्रदर्शनों की तस्वीरें शामिल थीं.
Rehan Vadra Art Exhibition – रेहान वाड्रा ने इस घटना पर बात करते हुए कहा, “मेरा मुख्य मकसद अपने देश में हो रहे विभिन्न आंदोलनों को डॉक्यूमेंट करना था. एक कलाकार के नजरिए से मैं इन आंदोलनों की लय और उनकी कविता को अपने कैमरे में कैद करना चाहता था, जो तब नजर आती है जब लोग अपने अधिकारों के लिए एक साथ सड़कों पर उतरते हैं.” उन्होंने बताया कि अधिकारियों ने कार्यक्रम की ‘टाइमिंग’ पर बड़े सवाल उठाए थे.
नई दिल्ली में राजस्थान सरकार द्वारा संचालित बीकानेर हाउस में आयोजित इस प्रदर्शनी में रेहान से कहा गया कि वे कुल 105 में से 75 तस्वीरें तुरंत हटा दें, अन्यथा पूरी प्रदर्शनी को रद्द कर दिया जाएगा. इन तस्वीरों में दो ऐसी तस्वीरें भी थीं जिनमें तिरंगा नजर आ रहा था. शुरुआत में रेहान ने उन तस्वीरों को हटाने से साफ इनकार कर दिया था, लेकिन जब वे कार्यक्रम स्थल से बाहर गए, तो कर्मचारियों ने एक तस्वीर खुद हटा दी और कुल मिलाकर उन्हें 74 तस्वीरें हटानी पड़ गईं.
‘वे पूरे देश के युवाओं की आवाज दबाना चाहते हैं’— प्रियंका गांधी
इस पूरे विवाद के बीच बीकानेर हाउस के अधिकारियों की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक जवाब नहीं दिया गया है. वहीं, प्रियंका गांधी ने बीकानेर हाउस के इस कदम को पूरी तरह से “बेतुका” करार दिया है. प्रियंका ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “आप क्या सोचते हैं? वह तो अभी एक युवा लड़का है, लेकिन आप सब जानते हैं कि वे किस तरह पूरे देश में युवाओं की आवाज को दबाने का काम कर रहे हैं. इसलिए यह उम्मीद करना बिल्कुल लाजिमी है कि वे किसी के भी साथ ऐसा कर सकते हैं.”


