कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रमुख नेता सौरभ दास और आशुतोष रांका इस समय जेल में बंद हैं, और पार्टी उनकी रिहाई के लिए लगातार प्रयास कर रही है. अभिजीत दिपके काफी भावुक नजर आए और उन्होंने रांका तथा दास को इस आंदोलन का असली लीडर बताया. इसके साथ ही उन्होंने उन तमाम आलोचकों पर भी तीखा निशाना साधा जो उनके इस शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन की तुलना फ्रांस, नेपाल और बांग्लादेश में हुए हिंसक प्रदर्शनों से कर रहे थे.
‘दिवाली तक CJP का कोई प्रदर्शन नहीं’
अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया पर जारी एक पोस्ट के जरिए पिछले सभी आंदोलनों में बढ़-चढ़कर समर्थन देने के लिए सभी प्रदर्शनकारियों का तहे दिल से धन्यवाद किया है. उन्होंने कहा कि इन विरोध प्रदर्शनों के दौरान सभी कार्यकर्ताओं को एक बेहद कठिन दौर से गुजरना पड़ा है, और इसके परिणाम उनके परिवारों को भी भुगतने पड़े हैं. यही वजह है कि उन्होंने सभी से अपील की है कि वे कुछ दिनों के लिए अपने परिवार के साथ रहें. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आगामी दिवाली तक CJP की तरफ से किसी भी नए प्रदर्शन का आयोजन करने की कोई योजना नहीं है.
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हुई थी गिरफ्तारी
सौरभ दास और आशुतोष रांका को पिछले हफ्ते जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करने की कोशिश करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, क्योंकि वह जगह अब एक ‘डी-नोटिफाइड’ क्षेत्र बन चुकी है. अदालत ने उनकी न्यायिक हिरासत बढ़ा दी है, और कोर्ट का कहना है कि उन्होंने कानून का सम्मान नहीं किया. वहीं दूसरी ओर, अभिजीत दिपके ने इन दोनों की तुलना महात्मा गांधी के सत्याग्रह से करते हुए कहा कि वे मुस्कुराते हुए और बिना किसी हिंसा के जेल गए हैं.


