कर्नाटक के विजयपुरा शहर से एक बेहद सनसनीखेज और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक महिला ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने ही पति को कथित तौर पर मौत के घाट उतार दिया. मृतक की इस वारदात में पहचान राजशेखर के रूप में हुई है. इस सनसनीखेज मामले में स्थानीय पुलिस ने आरोपी पत्नी अश्विनी समेत कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस की गहन जाँच में यह बात सामने आई है कि पत्नी ने ही अपने पति की हत्या की खतरनाक साजिश रची थी, जिसमें उसके प्रेमी और दो अन्य लोगों ने उसका पूरा साथ दिया था. जानकारी के अनुसार, राजशेखर और अश्विनी की शादी हुई थी और दंपति के छह साल के जुड़वां बेटे भी हैं. राजशेखर ने हाल ही में एक नया घर बनवाया था, जहाँ उसकी पत्नी अश्विनी की मुलाकात मदीना निवासी आनंद कल्लू से हुई, जो उनके घर की रंगाई (पेंटिंग) का काम करने के लिए आया था और धीरे-прежнему उनकी यह जान-पहचान गहरे प्रेम प्रसंग में बदल गई.
🚗 ‘चलो मेरे पति को खत्म कर देते हैं’: स्कॉर्पियो से टक्कर मारकर की गई हत्या
एक दिन आरोपी अश्विनी ने अपने प्रेमी आनंद से कहा, “चलो मेरे पति को खत्म कर देते हैं, फिर हम दोनों हमेशा के लिए साथ रह सकते हैं.” आनंद पहले से ही विवाहित था, लेकिन उसने अपनी शादीशुदा होने की बात अश्विनी से छुपा ली थी और राजशेखर की हत्या करके उसकी पूरी संपत्ति हड़पने की योजना बना ली. इसके बाद जब राजशेखर हमेशा की तरह टहलने के लिए निकले, तो अश्विनी ने तुरंत फोन करके इसकी जानकारी आनंद को दी. योजना के मुताबिक आनंद ने सचिन बडाली को बिना नंबर प्लेट वाली काली स्कॉर्पियो के साथ तैयार रहने को कहा. सचिन जुमनाला रोड पर राजशेखर का इंतजार कर रहा था, जबकि अश्विनी लगातार फोन के जरिए आनंद के संपर्क में बनी हुई थी. जब आनंद ने राजशेखर को जुमनाला रोड पर देखा, तो उसने सचिन और उसके साथ मौजूद एक नाबालिग लड़के को इसकी सूचना दे दी, जिसके बाद सचिन ने अपनी स्कॉर्पियो को बेहद तेज रफ्तार से चलाते हुए राजशेखर को जोरदार टक्कर मार दी. टक्कर इतनी भयानक थी कि राजशेखर करीब सौ फीट दूर जाकर गिरे और मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई. इसके बाद आनंद ने राजशेखर की मौत की पुष्टि की और अश्विनी को काम पूरा होने की बात कहकर वहाँ से फरार हो गया.
👮 शतिर पत्नी ने थाने में दर्ज कराई थी झूठी शिकायत, सीसीटीवी फुटेज से खुला राज
वारदात को अंजाम देने के बाद शातिर पत्नी अश्विनी ने खुद पुलिस स्टेशन जाकर यह झूठी शिकायत दर्ज कराई कि उसके पति की मौत किसी अज्ञात वाहन की टक्कर लगने से हुई है. हालांकि, शहर के डीएसपी नागराज के नेतृत्व में जब पुलिस की जाँच टीम घटनास्थल पर पहुँची और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, तो मामले की परतें खुलती चली गईं. जाँच के दौरान पुलिस की सुई लगातार पत्नी अश्विनी के संदिग्ध व्यवहार पर टिकी हुई थी. तकनीकी और दस्तावेजी साक्ष्यों की जाँच से यह स्पष्ट हो गया कि यह कोई सामान्य सड़क दुर्घटना नहीं बल्कि एक सोची-समझी साजिश थी, जिसे अश्विनी और उसके प्रेमियों ने मिलकर अंजाम दिया था. फिलहाल, विजयपुरा पुलिस ने इस मामले में आरोपी पत्नी समेत सभी चार आरोपियों को दबोच लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.


