मुंबई : गणेश उत्सव का इंतजार प्रतिवर्ष देश और दुनिया भर के भक्तों को बेसब्री से रहता है। गणपति बप्पा के आगमन के साथ ही मुंबई सहित समूचे देश में भक्ति और उल्लास का वातावरण बन जाता है। विशेष रूप से मुंबई के परेल-लालबाग क्षेत्र में गणेशोत्सव की भव्यता देखते ही बनती है। यहाँ विराजने वाले ‘लालबागचा राजा’ के पावन दर्शन के लिए हर वर्ष लाखों की तादाद में श्रद्धालु पहुँचते हैं। 11 सितंबर 2026 की शाम लालबागचा राजा का प्रथम दर्शन (Lalbaugcha Raja 2026 First Look) सार्वजनिक किया गया, जिसके साथ ही भक्तों का लंबा इंतजार समाप्त हुआ और बप्पा की पहली झलक देख श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
नारंगी परिधान में मनमोहक स्वरूप
प्रथम दर्शन की तस्वीरों में गणपति बप्पा अपने पारंपरिक सिंहासन पर विराजमान दिखाई दे रहे हैं, जहाँ उनके परिधानों में नारंगी रंग की प्रधानता पूरे स्वरूप को तेज प्रदान कर रही है। बप्पा के शीश पर भव्य सुनहरा मुकुट और माथे पर तिलक उनकी प्रतिमा की दिव्यता को बढ़ा रहा है। बप्पा के गले में कई बहुमूल्य हार और ताजे फूलों की मालाएं सुशोभित हैं। उनके पृष्ठभाग में किया गया बैकड्रॉप और मंच सज्जा पूरे पंडाल को एक राजसी और कलात्मक दरबार का रूप दे रहा है।
93वें वर्ष में प्रवेश कर रहा लालबागचा राजा का उत्सव
‘लालबागचा राजा सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल’ इस वर्ष अपने ऐतिहासिक गणेशोत्सव का 93वां वर्ष मना रहा है। मंडल की आधिकारिक सूचना के अनुसार, वर्ष 2026 का मुख्य (Lalbaugcha Raja 2026 First Look) गणेशोत्सव 14 सितंबर से प्रारंभ होकर 25 सितंबर तक श्रद्धा और उल्लास के साथ आयोजित किया जाएगा। मन्नत पूरी करने वाले राजा के रूप में प्रसिद्ध लालबागचा के दर्शन हेतु न केवल महाराष्ट्र, बल्कि देश-विदेश के कोने-कोने से विशिष्ट हस्तियां और आम नागरिक मुंबई पहुँचते हैं।


