गोड्डा : जिले में मतदाता सूची से संबंधित एसआईआर (SIR) डिलीशन फॉर्म विवाद को लेकर राजनीतिक सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है। इस मुद्दे पर पूर्व भाजपा विधायक अमित मंडल और झारखंड सरकार के (politics heated up on sir deletion) राजद कोटे के मंत्री संजय यादव के पुत्र रजनीश यादव सीधे तौर पर आमने-सामने आ गए हैं।
गोड्डा पहुंचे अमित मंडल ने आरोप लगाया कि उनके बूथ लेवल एजेंट (BLA) विनय को कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा अवैध रूप से बंधक बनाया गया था। उन्होंने आशंका व्यक्त की कि यदि समय पर स्थिति न संभलती तो उनकी मॉब लिंचिंग भी हो सकती थी। मंडल ने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे राजद कोटे के मंत्री का पूरा तंत्र लगा हुआ था, लेकिन इसके बावजूद उनके कार्यकर्ताओं का हौसला नहीं टूटा।
politics heated up on sir deletion – पूर्व विधायक अमित मंडल ने राजद कार्यकर्ताओं और विशेष रूप से मंत्री पुत्र रजनीश यादव पर निशाना साधते हुए उन्हें नियम-कानून पढ़ने और अध्ययन करने की नसीहत दी। इस टिप्पणी पर रजनीश यादव ने तल्ख अंदाज में पलटवार करते हुए कहा कि पूर्व विधायक “एक तो चोरी कर रहे हैं और ऊपर से सीनाजोरी दिखा रहे हैं।”
12 घंटे तक बंधक बनाए जाने और प्रिंटेड फॉर्म पर सवाल
रजनीश यादव ने सवाल उठाया कि खुद को कार्यकर्ताओं का बड़ा हितैषी बताने वाले पूर्व विधायक उस समय कहां थे, जब ग्रामीणों ने उनके एजेंट को 12 घंटे तक घेरे रखा था। उन्होंने दावा किया उन्होंने स्वयं पहल कर भाजपा कार्यकर्ता को सुरक्षित थाने तक पहुंचाया। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना विधिक प्रक्रिया के पहले से प्रिंटेड टिक वाले फॉर्म्स के जरिए धांधली करने का प्रयास किया जा रहा था।


