जींद : कभी-कभी जीवन में एक सामान्य सी प्रशासनिक प्रक्रिया ऐसा अप्रत्याशित मोड़ ले लेती है, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की होती। ऐसा ही एक बेहद भावुक और सुखद वाकया जींद के मनोहरपुर स्थित (Haryana News) राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में स्पेशल इन्फॉर्मेशन रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के दौरान सामने आया।
यहां मतदाता सूची के सत्यापन की सामान्य प्रक्रिया 35 वर्षों से एक-दूसरे से बिछड़े दो सगे भाइयों के पुनर्मिलन का जरिया बन गई। स्कूल परिसर में कामकाज पूरी तरह सामान्य गति से चल रहा था, जहां चुनाव अधिकारी और बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) मतदाताओं से जुड़ी जानकारियां दर्ज कर रहे थे। इसी दौरान, सीताराम नाम के व्यक्ति अपना स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट (SLC) प्राप्त करने के सिलसिले में स्कूल पहुंचे थे।
औपचारिकताएं पूरी करते समय वहां मौजूद बीएलओ ने सीताराम से उनके मूल गांव, पिता का नाम और परिवार के अन्य सदस्यों से संबंधित सामान्य जानकारियां एकत्र कीं। बातचीत के क्रम में जब सीताराम के भाई का नाम और विवरण सामने आया, तो बीएलओ ने डेटा का मिलान करने और जानकारी को सत्यापित करने के लिए तत्काल फोन पर संपर्क साधा।
कॉल पर जैसे ही सीताराम का नाम और पारिवारिक पृष्ठभूमि बताई गई, दूसरी तरफ से भाई भावुक हो उठा। उसने तुरंत पुष्टि करते हुए कहा कि वह सीताराम का ही भाई है और पूरा परिवार बीते 35 वर्षों से उनकी तलाश में दर-दर भटक रहा था।जैसे ही भाई को जानकारी मिली कि सीताराम इस वक्त मनोहरपुर स्कूल परिसर में मौजूद हैं, वह बिना एक पल गंवाए दौड़ते हुए स्कूल पहुंच गया।
Haryana News – 35 साल के लंबे अंतराल के बाद जब दोनों भाई पहली बार आमने-सामने आए, तो पूरा माहौल गमगीन और भावुक हो गया। दोनों भाई एक-दूसरे से लिपटकर फूट-फूट कर रोने लगे। वर्षों बाद हुए अप्रत्याशित मिलन को देखकर स्कूल में मौजूद शिक्षक, ग्रामीण और प्रशासनिक कर्मचारी भी अपनी आंखों से आंसू नहीं रोक पाए।


