अयोध्या : अयोध्या के राम मंदिर में चंदा विवाद उजागर होने के लगभग 3 महीने बाद जांच और कार्रवाई के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अपने पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के नाम की घोषणा कर दी है। यह अहम जिम्मेदारी भारतीय वायुसेना के पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को सौंपी गई है, जो विभिन्न विशिष्ट (Champat Rai’s era ends) उपलब्धियों के साथ-साथ प्रसिद्ध ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में भी रणनीतिक भूमिका निभा चुके हैं।
गोविंद देव गिरी बने पूर्णकालिक महासचिव
ट्रस्ट के सबसे प्रभावशाली पद ‘महासचिव’ पर चंपत राय के स्थान पर अब स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज को पूर्णकालिक और स्थायी महासचिव नियुक्त किया गया है। बैठक के पूर्व-निर्धारित 12 सूत्रीय एजेंडे में (Champat Rai’s era ends) महासचिव पद में बदलाव या कोषाध्यक्ष बदलने का कोई उल्लेख नहीं था, किंतु बैठक उपरांत जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में इस बड़े फैसले की पुष्टि की गई। नव नियुक्त CEO सीधे महासचिव को रिपोर्ट करेंगे। इसका अर्थ यह है कि ट्रस्ट के नीतिगत और प्रशासनिक पदानुक्रम में स्वामी गोविंद देव गिरी जी महाराज ही सर्वोच्च निर्णयकर्ता की भूमिका में होंगे।
विहिप महामंत्री बजरंग लाल बागड़ा का बयान
विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय महामंत्री बजरंग लाल बागड़ा ने स्पष्ट किया कि मंदिर के रोजमर्रा के प्रबंधन और संचालन का जिम्मा ट्रस्ट के सदस्यों का नहीं, बल्कि कार्यकारी तंत्र का है; ट्रस्ट का मूल कार्य केवल नीति निर्धारण करना है। उन्होंने बताया कि CEO पद पर पेशेवर नियुक्ति का विमर्श काफी समय से चल रहा था, जिसे हालिया घटनाक्रमों के बाद गति दी गई। 3 सदस्यीय चयन समिति ने तीन नामों की अनुशंसा की थी, जिसमें सर्वसम्मति से जितेंद्र मिश्रा के नाम पर मुहर लगी।


