नई दिल्ली: देश भर में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने के मामलों को लेकर केंद्र सरकार और केंद्रीय जांच एजेंसियों ने अब अत्यंत सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। इसी क्रम में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पेपर लीक केस में एक साथ कई राज्यों में ECIR (Enforcement Case Information Report) दर्ज कर व्यापक जांच अभियान शुरू कर दिया है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, ईडी ने राजस्थान, हरियाणा, असम (गुवाहाटी), बिहार (पटना), (the proceedings of crime of paper leak) कर्नाटक (बेंगलुरु), महाराष्ट्र और झारखंड में स्थानीय पुलिस द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकियों (FIR) को अपने स्तर पर वित्तीय जांच हेतु टेकओवर कर लिया है।
the proceedings of crime of paper leak – विभिन्न राज्यों में पेपर लीक से संबंधित दर्ज एफआईआर को हस्तगत करने के बाद ईडी की जांच का केंद्र बिंदु अब केवल लीक प्रक्रिया तक सीमित नहीं रहेगा। सूत्रों का कहना है कि जांच एजेंसी का मुख्य फोकस इस पूरे नेटवर्क के माध्यम से हुए करोड़ों रुपये के वित्तीय लेन-देन, अवैध संपत्तियों और संगठित मनी ट्रेल (Money Trail) का पर्दाफाश करना है। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि अपराध से कितनी अवैध आय (Proceeds of Crime) अर्जित की गई और इस अवैध कमाई का उपयोग किन-किन अचल संपत्तियों एवं बेनामी खातों में किया गया है।
पैसे कहाँ से आए और किन-किन तक पहुंचे, ED खंगालेगी पूरा सिंडिकेट
वित्तीय जांच के दौरान ईडी की विशेष विंग यह स्पष्ट करेगी कि पेपर लीक सिंडिकेट में शामिल मुख्य आरोपियों ने अब तक कितनी कुल रकम जुटा ली थी। पैसा किस माध्यम से आरोपियों तक पहुंचा और आगे किन-किन प्रभावशाली व पर्दे के पीछे बैठे मास्टरमाइंडों तक पहुंचाया गया, इसकी परत दर परत पड़ताल की जाएगी। सूत्रों के अनुसार, आगामी दिनों में इस जांच का दायरा और अधिक व्यापक हो सकता है। संभावना जताई जा रही है कि बहुचर्चित NEET-UG पेपर लीक मामले में भी बहुत जल्द ईडी की औपचारिक एंट्री हो सकती है, जिससे इस प्रकरण के आर्थिक पहलुओं का खुलासा हो सकेगा।


