नई दिल्ली: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने एक बार फिर केंद्र सरकार और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोला है। प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन कर रहे युवाओं और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई का आदेश आखिरकार किसने दिया था। उन्होंने कहा, “सवाल यह नहीं था कि अमित शाह संसद में आकर कुछ आम विषयों पर भाषण देंगे। सवाल हमेशा यह रहा है कि अमित शाह को यह साफ करना होगा कि दिल्ली में हमारे युवाओं पर गोली चलाने का आदेश किसने दिया था? पेलेट गन चलाई गईं, छात्रों को कील लगी लाठियों से पीटा गया। उन्हें साफ-साफ बताना चाहिए कि क्या उन्होंने इसका आदेश दिया था या नहीं?”
💼 “अगर आदेश दिया तो दोषी, नहीं पता तो अयोग्य”: राहुल गांधी ने मांगा अमित शाह का इस्तीफा
राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि अगर उन्होंने छात्रों पर बल प्रयोग और गोली चलवाने का आदेश दिया था, तो वे हमारे देश के बच्चों पर अत्याचार के लिए सीधे तौर पर दोषी हैं।
उन्होंने आगे कहा कि यदि गृह मंत्री को इतनी बड़ी घटना की जानकारी ही नहीं थी, तो वे अपने पद के लिए पूरी तरह अयोग्य हैं। राहुल गांधी ने जोर देकर कहा कि दोनों ही परिस्थितियों में अमित शाह को तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने मांग की कि इस पूरी घटना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश से माफी मांगनी चाहिए। राहुल गांधी ने राम मंदिर में कथित चोरी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पीएम के करीबियों ने वहां गड़बड़ी की है, जिस पर प्रधानमंत्री को देश के सामने जवाब देना चाहिए।
🏛️ “अमित शाह की मनगढ़ंत बातों में दिलचस्पी नहीं”, राहुल बोले— संसद में सामने खड़े होने की हिम्मत नहीं
संसद में चर्चा को लेकर विपक्ष के रुख को स्पष्ट करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा, “हमें उनकी मनगढ़ंत बातों में कोई दिलचस्पी नहीं है। हमारी दिलचस्पी सिर्फ इस बात में है कि क्या उन्होंने हमारे बच्चों पर गोली चलाने का आदेश दिया था या नहीं? सबसे पहले उन्हें यह बात पूरी तरह साफ करनी चाहिए, उसके बाद ही किसी चर्चा का प्रश्न उठता है। विपक्ष पिछले 15 दिनों से लगातार यही मांग कर रहा है।”
राहुल गांधी ने तंज कसते हुए कहा कि अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी में संसद में आकर विपक्ष के सवालों के सामने सीधे खड़े होने की हिम्मत नहीं है, जो उन्होंने बीते 15 दिनों के घटनाक्रम में साबित कर दिया है।
🪧 “झारखंड सरकार सुने छात्रों की बात”, प्रदर्शनकारी युवाओं पर बल प्रयोग को बताया गलत
झारखंड में छात्रों के जारी विरोध-प्रदर्शन पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि प्रदेश सरकार को तुरंत छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से बात करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे युवाओं पर बल प्रयोग करना पूरी तरह से गलत और अलोकतांत्रिक है। छात्रों को शांतिपूर्ण ढंग से अपनी आवाज उठाने का संवैधानिक अधिकार है। झारखंड सरकार को हठधर्मिता छोड़कर छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से सुनना चाहिए और संवाद के माध्यम से हर समस्या का त्वरित समाधान निकालना चाहिए।
🗣️ “आरोप लगाकर भागे नहीं राहुल गांधी”: केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू का पलटवार, कहा— हम चर्चा को तैयार
राहुल गांधी के आरोपों पर पलटवार करते हुए केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष को इस तरह अनर्गल आरोप लगाकर मैदान छोड़कर भागना नहीं चाहिए।
रिजिजू ने स्पष्ट किया कि गृह मंत्री अमित शाह स्वयं सदन के पटल पर हर विषय का तथ्यात्मक जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक मर्यादाओं का तकाजा है कि राहुल गांधी आरोप लगाने के बाद सदन में रुकें और गृह मंत्री के वक्तव्य को पूरा सुनें। सरकार कल और परसों भी इस विषय पर संसद में विस्तृत चर्चा कराने के लिए तैयार है।


