कोटद्वार : उत्तराखंड के पौड़ी जिले के रिखणीखाल क्षेत्र में चार दिनों के (Tiger Attack) अंदर हुयी दूसरी घटना में एक आदमखोर बाघ ने 75 वर्षीय वृद्ध को अपना निवाला बना लिया। वन अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी। कालागढ़ टाइगर रिजर्व वन प्रभाग से सटे नैनीडांडा ब्लाक के ग्रामसभा उम्टा के सिमली तल्ली गांव में बाघ के हमले में शनिवार को मारे गए रणवीर सिंह नेगी सेवानिवृत्त शिक्षक थे और वह अकेले रहते थे।
इसे भी पढ़ें – उत्तराखंड बनेगी देश की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक राजधानी : धामी
गढ़वाल वन प्रभाग की दीवा रेंज के क्षेत्राधिकारी महेन्द्र सिंह रावत ने ‘पीटीआइ— भाषा’ को बताया कि गांव से लगभग 300 मीटर दूर अपने मकान में रह रहे नेगी के शनिवार को दिखाई न देने पर चिंतित ग्रामीणों ने उन्हें फोन लगाया तो वह बंद आ रहा था। रविवार को भी जब उनका फोन नहीं लगा तो ग्रामीण उनके घर पर पहुंचे लेकिन वह घर पर नहीं मिले। अनहोनी की आशंका से डरे ग्रामीणों ने जब उनकी खोजबीन शुरु की तो उनका अधखाया शव घर से करीब 150 मीटर दूर झाड़ियों में पड़ा मिला।
इसे भी पढ़ें – हिन्दू समाज और सनातन के विरुद्ध हो रहे कुत्सित प्रयासों को रोकना होगा : आलोक कुमार
Tiger Attack – इस बीच, देहरादून में रहने वाले नेगी के परिजन भी गांव पहुंच गए। सूचना पर मौके पर पहुंची मेडिकल टीम ने गांव में ही पोस्टमार्टम करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। रावत ने बताया कि मृतक आश्रित को वन विभाग की तरफ से चार लाख रू मुआवजा दिया जाएगा। चार दिन पहले भी क्षेत्र के डला गांव में बाघ ने एक बुजुर्ग को अपना शिकार बनाया था। ताजा घटनास्थल पहली वारदात की जगह से केवल 25 किलोमीटर दूर है।

