अगर आप भी ऑफिस में रोजाना खाना ऑर्डर करने का सोचते हैं, लेकिन 400-500 रुपये का भारी बिल देखकर अपना इरादा बदल लेते हैं, तो अब चिंता छोड़िए। स्विगी और ज़ोमैटो जैसी प्रमुख फूड डिलीवरी कंपनियां अब आपका रोज़ का लंच वाला ऑर्डर हथियाने की तैयारी में हैं। इन कंपनियों का पूरा फोकस अब महंगे (daily lunch will be cheaper) खान-पान से हटकर 200 रुपये की ‘वैल्यू मील’ (किफायती थाली) पर आ गया है। उनका लक्ष्य ऑनलाइन फूड ऑर्डरिंग को खास मौके से बदलकर आपकी रोज़मर्रा की आदत बनाना है।
daily lunch will be cheaper – डेटम इंटेलिजेंस के संस्थापक सतीश मीना के अनुसार, कंपनियों की मंशा अब सिर्फ एक बार का ऑर्डर नहीं, बल्कि आपको अपने प्लेटफॉर्म पर पूरी तरह निर्भर करना है। इंडस्ट्री विशेषज्ञों का मानना है कि इसके लिए डिलीवरी चार्ज और टैक्स मिलाकर बिल 200 से 250 रुपये के दायरे में रहना चाहिए। इसी डिमांड को देखते हुए फास्ट-फूड कंपनियां भी अपने मेन्यू में किफायती विकल्पों को तेजी से जोड़ रही हैं।
स्विगी और ज़ोमैटो की अलग-अलग रणनीतियां
इस बाजार में अपनी जगह बनाने के लिए स्विगी लगातार प्रयोग कर रही है। कंपनी ने ऐप में ‘वैल्यू स्टोर’ शुरू किया है और ‘टोइंग’ (Toing) नामक एक कम बजट वाला ऐप भी टेस्ट कर रही है। स्विगी के सीईओ श्रीहर्ष मजेटी का मानना है कि भविष्य की ग्रोथ किफायती दामों वाले खाने से ही आएगी। दूसरी ओर, ज़ोमैटो ने फिलहाल कोई अलग सस्ता ऐप न लाने का फैसला किया है, लेकिन कंपनी चुनिंदा इलाकों में खास डिस्काउंट और ‘बिस्ट्रो’ मॉडल के जरिए ग्राहकों को लुभाने की कोशिश कर रही है।


