गाजियाबाद के खोड़ा इलाके में हुई सूर्या हत्याकांड के बाद जिला प्रशासन और पुलिस ने अपराधियों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ एक व्यापक अभियान छेड़ दिया है। ‘ऑपरेशन क्लीन स्वीप’ के तहत पिछले तीन दिनों से इलाके में हिस्ट्रीशीटरों और संदिग्धों के ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था को (operation clean sweep in Khoda) चाक-चौबंद रखने के लिए PAC और RAF के जवानों की तैनाती की गई है।
operation clean sweep in Khoda – जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ के नेतृत्व में प्रशासन ने निगरानी के लिए आधुनिक उपकरणों का सहारा लिया है। संवेदनशील इलाकों और मकानों की छतों पर विशेष नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरों और स्निफर डॉग्स का उपयोग किया जा रहा है। डीएम का कहना है कि यह अभियान सूर्या हत्याकांड के मुख्य आरोपी असद के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद भी जारी रहेगा ताकि इलाके में कानून-व्यवस्था बनी रहे।
🏫 अवैध मदरसों पर प्रशासन की कार्रवाई
अभियान के तहत प्रशासन ने उन संस्थानों को चिन्हित किया है जो नियमों के विरुद्ध संचालित हो रहे थे। खोड़ा में तीन ऐसे मदरसे पाए गए, जिनका न तो कोई वैध पंजीकरण था और न ही वे अल्पसंख्यक बोर्ड में दर्ज थे। इन मदरसों को सील कर दिया गया है और प्रशासन ने संबंधित संचालकों को नोटिस जारी कर एक सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है।
🛡️ अभियान के मुख्य बिंदु
प्रशासन का यह ‘ऑपरेशन क्लीन’ तीन सूत्रीय रणनीति पर आधारित है:
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सत्यापन: डोर-टू-डोर जाकर संदिग्ध व्यक्तियों और अपराधियों का भौतिक सत्यापन करना।
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चेतावनी: अपराध की दुनिया से जुड़े तत्वों को थाने बुलाकर कड़ी चेतावनी देना।
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राजस्व जांच: सरकारी राजस्व की चोरी या नियमों के उल्लंघन से जुड़ी गतिविधियों पर कार्रवाई करना।
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