नई दिल्ली: संसद में आगामी परिसीमन और महिला आरक्षण विधेयक जैसे ऐतिहासिक व संविधान संशोधन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों को लेकर केंद्र की एनडीए (NDA) सरकार को मजबूत संख्याबल की आवश्यकता है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या इन विधेयकों को पारित कराने के लिए एनडीए के कुनबे का (will there be big expansion in NDA) विस्तार होगा? क्या तमिलनाडु में डीएमके और बीजेपी करीब आ रहे हैं? क्या महाराष्ट्र में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दोनों धड़ों का एकीकरण होने जा रहा है? और क्या पंजाब में शिरोमणि अकाली दल (SAD) फिर से बीजेपी के साथ गठबंधन करेगा?
स्पीकर की चाय पार्टी में विपक्ष से इतर कनिमोझी की मौजूदगी, PM मोदी से हुई बातचीत
तमिलनाडु के सियासी परिदृश्य में आए बदलावों के बाद डीएमके अपने भविष्य और संगठनात्मक मजबूती के नफे-नुकसान का निरंतर आकलन कर रही है। इसी बीच, संसद के सत्र समापन पर लोकसभा अध्यक्ष (स्पीकर) द्वारा आयोजित पारंपरिक चाय पार्टी का जब अधिकांश विपक्षी दलों ने बहिष्कार किया, तब डीएमके ने विपक्ष की परवाह किए बिना अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराई।
क्या NDA को मिलेगा DMK का समर्थन? 30 सांसदों का संख्याबल बेहद अहम
डीएमके के पास लोकसभा और राज्यसभा को मिलाकर कुल 30 सांसदों का एक मजबूत संख्याबल है। यदि दोनों दलों के शीर्ष नेतृत्व में सहमति बनती है, तो डीएमके के एनडीए में शामिल होने अथवा बाहर से ‘मुद्दा-आधारित समर्थन’ देने की संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता। पार्टी के भीतर एक वर्ग का मानना है कि केंद्र सरकार को रचनात्मक मुद्दों पर समर्थन देकर राज्य के विकास और पार्टी के अस्तित्व को सुरक्षित रखा जा सकता है।
महाराष्ट्र में NCP का एकीकरण: मोदी कैबिनेट विस्तार में मिल सकती है जगह
महाराष्ट्र की राजनीति में भी बड़े समीकरण बदलने की हलचल तेज हो गई है। एनसीपी के दोनों धड़ों के एकीकरण को लेकर चल रही बातचीत अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिखाई दे रही है। सूत्रों के अनुसार, शीर्ष नेतृत्व ने यह स्पष्ट संकेत दिया है कि दोनों धड़ों के विलय के पश्चात एकीकृत एनसीपी एनडीए का पूर्ण हिस्सा बन सकती है और केंद्र सरकार में भी भागीदार हो सकती है।
पंजाब चुनाव और शिरोमणि अकाली दल
पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर शिरोमणि अकाली दल (SAD) और बीजेपी के पुनर्मिलन की संभावनाएं भी तलाशी जा रही हैं। अकाली दल प्रमुख सुखबीर सिंह बादल की प्रधानमंत्री मोदी से (will there be big expansion in NDA) हालिया मुलाकातों और शीर्ष नेतृत्व के बीच संवाद ने इन अटकलों को और हवा दी है।


