आजकल छुट्टियां केवल आराम करने या नई जगहों को देखने तक सीमित नहीं रह गई हैं, बल्कि लोग अपने ट्रैवल प्लान्स में एक नया ट्विस्ट तलाश रहे हैं. ट्रैवल प्रेमियों की दिलचस्पी अब सिर्फ मन की शांति पाने में नहीं, बल्कि कुछ नया सीखने और अपनी फिटनेस को बरकरार रखने में भी बढ़ रही है, जिसके चलते ‘रनकेशन’ (Runkation) नामक यह नया ट्रेंड तेजी से सुर्खियों में आ रहा है.
🎯 2. रनिंग और वेकेशन का बेहतरीन संयोजन, मैराथन की फिनिश लाइन पार करना बनता है ट्रिप का मुख्य मकसद
रनकेशन का सीधा अर्थ रनिंग यानी दौड़ना और वेकेशन यानी छुट्टियों का मेल है. इस प्रकार के ट्रैवल प्लान में यात्री सिर्फ घूमने नहीं जाते, बल्कि किसी खास मैराथन या रनिंग इवेंट की तारीख के हिसाब से अपनी पूरी ट्रिप की रूपरेखा तैयार करते हैं, जहाँ मंजिल पर पहुंचकर मैराथन की फिनिश लाइन को पार करना ही उनकी इस छुट्टी का सबसे मुख्य और रोमांचक मकसद होता है.
📈 3. युवाओं में तेजी से बढ़ रहा है रनकेशन का क्रेज, मैराथन डेस्टिनेशंस के लिए एडवांस बुकिंग में आई भारी उछाल
विशेषज्ञों के अनुसार, यह आधुनिक ट्रेंड खासकर युवा यात्रियों के बीच बहुत तेजी से लोकप्रिय हो रहा है, जिनके लिए फिटनेस, कम्युनिटी और पर्सनल माइलस्टोन अब ट्रैवल का एक अहम हिस्सा बन चुके हैं. आंकड़ों के मुताबिक, दुनिया भर में मैराथन डेस्टिनेशंस के लिए एडवांस बुकिंग में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है, क्योंकि इसमें रेस से पहले की तैयारी से लेकर रिकवरी और लोकल एक्सपीरियंस तक सब कुछ बेहदली कस्टमाइज्ड होता है.
✈️ 4. टोक्यो-लंदन से लेकर थाईलैंड और सिंगापुर तक, भारतीय यात्रियों के बीच ये जगहें बनी हुई हैं पहली पसंद
इस ट्रेंड के तहत टोक्यो, बर्लिन, लंदन, न्यूयॉर्क और सिडनी जैसे ग्लोबल शहर अपनी शानदार रेस और सांस्कृतिक अनुभवों के लिए बहुत पसंद किए जा रहे हैं. वहीं भारतीय यात्रियों के मामले में बेहतर फ्लाइट कनेक्टिविटी और कम ट्रैवल टाइम वाले एशियाई देश जैसे थाईलैंड, वियतनाम और सिंगापुर सबसे ज्यादा सर्च किए जा रहे हैं, जहाँ लोग मैराथन के साथ-साथ अन्य पर्यटन स्थलों का भी पूरा आनंद उठाते हैं.


