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    क्या होती है पत्र पूजा…गणेश पूजन में क्यों चढ़ाए जाते हैं 21 पत्ते?

    August 23, 2025 धार्मिक 2 Mins Read
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    गणेश चतुर्थी का पर्व पूरे देश में बड़े उत्साह और श्रद्धा से मनाया जाता है. इस दिन गणपति बप्पा की स्थापना कर 10 दिनों तक उनका पूजन किया जाता है. परंपरा है कि गणेशजी को मोदक और लड्डू के साथ 21 पत्तों (पत्रों) से पूजा की जाती है, जिसे पत्र पूजा कहा जाता है. शास्त्रों के अनुसार इन पत्तों का अलग-अलग धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है. माना (What is leaves worship) जाता है कि 21 पत्र अर्पित करने से विघ्नहर्ता गणपति जल्दी प्रसन्न होकर भक्तों के जीवन से संकट दूर करते हैं और सुख-समृद्धि प्रदान करते हैं.

    What is leaves worship
    1. शमी पत्र (Shami Prosopis cineraria) इसे विजय और पाप नाशक माना गया है.
    2. भृंगराज पत्र (Bhringraj Eclipta prostrata) आयुर्वेद में आयु और ऊर्जा देने वाला.
    3. बेल पत्र (Bel Aegle marmelos) त्रिदेवों का प्रतीक, शिव और गणपति को प्रिय.
    4. दूर्वा पत्र (Durva Cynodon dactylon) गणपति का सबसे प्रिय, समृद्धि का प्रतीक.
    5. बेर पत्र (Ber Ziziphus mauritiana) सरलता और संतोष का द्योतक।
    6. धतूरा पत्र (Datura Datura metel) उग्र ऊर्जा को शांत करने वाला।
    7. तुलसी पत्र (Tulasi Ocimum tenuiflorum) सामान्यतः गणपति को नहीं चढ़ाया जाता, लेकिन गणेश चतुर्थी पर अपवाद स्वरूप अर्पित किया जाता है।
    8. सेम पत्र (Sem Phaseolus vulgaris) अन्न और उर्वरता का प्रतीक।
    9. अपामार्ग पत्र (Apamarga Achyranthes aspera) रोग निवारक और शुद्धि का द्योतक.
    10. कण्टकारी पत्र (Kantakari Solanum virginianum) बाधा नाशक और औषधीय गुणों वाला.
    11. सिन्दूर पत्र (Sindoor Bixa orellana) सौभाग्य और मंगल का प्रतीक.
    12. तेजपत्ता पत्र (Tejpatta Cinnamomum tamala) सुगंध, शांति और समृद्धि लाने वाला.
    13. अगस्त्य पत्र (Agastya Sesbania grandiflora) ज्ञान और शक्ति का प्रतीक.
    14. कनेर पत्र (Kaner Nerium indicum) निडरता और साहस का प्रतीक.
    15. केले का पत्र (Kadali Musa acuminata) समृद्धि और उन्नति का प्रतीक.
    16. आक पत्र (Arka Calotropis procera) रोग हरने वाला और गणेशजी का प्रिय.
    17. अर्जुन पत्र (Arjuna Terminalia arjuna) धैर्य और शक्ति का प्रतीक.
    18. देवदार पत्र (Devdar Cedrus deodara) शुद्धता और स्थिरता दर्शाने वाला.
    19. मरुआ पत्र (Marua Origanum majorana) सुगंध और पवित्रता का प्रतीक.
    20. कचनार पत्र (Kachnar Phanera variegata) उन्नति और सौंदर्य का द्योतक.
    21. केतकी पत्र (Ketaki Pandanus utilis) पवित्रता और मंगल कार्यों का प्रतीक.

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