चंडीगढ़: ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। अब गांवों में स्थित किराना दुकानें, साइबर कैफे, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) और अन्य स्थानीय (PM-WANI) कारोबारी केवल सामान या सेवाएं बेचने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि वे सार्वजनिक इंटरनेट कनेक्टिविटी के मुख्य केंद्र भी बनेंगे।
केंद्र सरकार अपनी महत्वाकांक्षी सार्वजनिक वाई-फाई नेटवर्क योजना ‘पीएम-वाणी’ (PM-WANI) का दायरा बड़े शहरों से आगे बढ़ाकर ग्रामीण बाजारों और कस्बों तक तेजी से विस्तारित कर रही है। इसके तहत स्थानीय दुकानदारों और छोटे उद्यमियों को पब्लिक डेटा ऑफिस (PDO) के रूप में वाई-फाई हॉटस्पॉट संचालित करने का अवसर दिया जा रहा है।
ग्राहकों को मिलेगा सस्ता इंटरनेट
पीएम-वाणी व्यवस्था के तहत पब्लिक डेटा ऑफिस (PDO) की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रखी गई है।
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PDO की स्थापना: कोई भी स्थानीय दुकानदार या सेवा प्रदाता अपने परिसर में वाई-फाई राउटर लगाकर हॉटस्पॉट स्थापित कर सकता है।
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नेटवर्क से जुड़ाव: पब्लिक डेटा ऑफिस एग्रीगेटर (PDOA) इसे मुख्य नेटवर्क और इंटरनेट सेवा से जोड़ने का कार्य करता है।
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अतिरिक्त आय का स्रोत: दुकान पर सामान खरीदने आने वाले ग्राहक और आसपास के लोग टोकन शुल्क देकर हाई-स्पीड इंटरनेट का उपयोग कर सकेंगे, जिससे दुकानदार को अतिरिक्त डिजिटल आमदनी होगी।
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