अमेरिका के केंद्रीय बैंक अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी है, जिसके बाद से दुनिया भर के निवेशकों की निगाहें बिटकॉइन और अन्य प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी पर टिक गई हैं. हर किसी के मन में यह सवाल है कि अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने से क्रिप्टो की कीमतों पर आखिर असर पड़ता है क्या (why are crypto investors scared) आने वाले समय में बिटकॉइन के दाम और अधिक बढ़ सकते हैं या इसमें गिरावट आएगी.
why are crypto investors scared – भले ही ब्याज दरों का क्रिप्टोकरेंसी से कोई प्रत्यक्ष (direct) संबंध न हो, लेकिन इसका अप्रत्यक्ष प्रभाव बाजार पर साफ दिखाई देता है. जब ब्याज दरें कम होती हैं, तो निवेशक अधिक रिटर्न की तलाश में शेयर और क्रिप्टो जैसे जोखिम भरे विकल्पों का रुख करते हैं. इसके विपरीत, जब फेड ब्याज दरें बढ़ाता है, तो सरकारी बॉन्ड जैसे सुरक्षित निवेश विकल्प ज्यादा आकर्षक हो जाते हैं, जिससे निवेशक जोखिम भरे एसेट्स से पैसा निकालकर सुरक्षित जगहों पर लगाने लगते हैं और क्रिप्टो पर दबाव बढ़ जाता है.
फेड के फैसले से पहले ही बिटकॉइन की कीमत में गिरावट दर्ज की गई थी और यह 82,163 डॉलर से फिसलकर करीब 75,743 डॉलर के आसपास आ गया था. इसके अलावा, अमेरिकी स्पॉट बिटकॉइन ETF से भी 15 और 16 सितंबर के बीच दो दिनों में कुल करीब 746.3 मिलियन डॉलर की बड़ी निकासी देखने को मिली है. हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि सिर्फ ब्याज दरों या दो दिन के आंकड़ों से यह तय करना मुश्किल है कि बाजार लंबी अवधि में किस दिशा में जाएगा, क्योंकि इस पर महंगाई और वैश्विक बाजार का भी असर पड़ता है.
