घर खरीदना ज्यादातर लोगों के लिए जिंदगी का एक बहुत बड़ा फैसला होता है. लेकिन जब पैसों की बात आती है, तो अक्सर यह सवाल सामने आता है कि ₹1 करोड़ का घर खरीदना (Buy House vs Rent and Invest) बेहतर है या ₹40,000 महीने के किराए पर रहकर बाकी पैसों का निवेश करना? ‘फाइनेंशियल एक्सप्रेस’ (Financial Express) की एक गणना में 20 साल की लंबी अवधि के लिए इन दोनों विकल्पों की तुलना की गई है, जिससे यह समझना आसान हो जाता है कि कौन सा विकल्प ज्यादा फायदेमंद है.
₹1 करोड़ का घर खरीदने पर कितना आएगा खर्च?
मान लीजिए किसी व्यक्ति के पास हर महीने घर के लिए करीब ₹70,000 का बजट है और वह ₹1 करोड़ का घर खरीदता है. इसके लिए वह 20% यानी ₹20 लाख डाउन पेमेंट देता है और बाकी ₹80 लाख का होम लोन 8% ब्याज दर पर 20 साल के लिए लेता है. इस हिसाब से उसकी मासिक EMI करीब ₹66,900 होगी और 20 साल में कुल भुगतान ₹1.61 करोड़ तक पहुंच जाएगा. डाउन पेमेंट मिलाकर खर्च करीब ₹1.81 करोड़ बैठता है, जिसमें स्टांप ड्यूटी और मेंटेनेंस जैसे अन्य खर्च शामिल नहीं हैं.
किराए पर रहकर ₹30,000 की SIP करने पर कितना बनेगा फंड?
Buy House vs Rent and Invest – दूसरा व्यक्ति यदि यही घर ₹40,000 महीने के किराए पर लेता है, तो ₹70,000 के बजट में से किराया चुकाने के बाद हर महीने ₹30,000 निवेश के लिए बचते हैं. यदि वह इस रकम की 20 साल तक SIP करे और 12% सालाना रिटर्न मिले, तो यह फंड करीब ₹2.97 करोड़ हो सकता है. इसके अलावा, घर खरीदने वाले का जो ₹20 लाख डाउन पेमेंट बचा है, उसे भी 12% रिटर्न पर निवेश करने पर 20 साल में करीब ₹1.93 करोड़ बन सकते हैं. इस तरह दोनों निवेश मिलकर किराएदार का कुल कॉर्पस करीब ₹4.90 करोड़ तक पहुंच सकता है.
