एक तरफ अमेरिका और ईरान में तनाव के बीच जहां दुनिया भर की इकोनॉमी में भय और डर का माहौल है. वहीं भारत की ग्रोथ पर विदेशियों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है. चाहे वो वर्ल्ड बैंक हो या फिर अमेरिका की (UN Report on India GDP) दिग्गज रेटिंग एजेंसियां. हर किसी ने भारत का लोहा माना है. इसी बीच अब संयुक्त राष्ट्र संघ ने भी भारतीय इकोनॉमी की ग्रोथ पर भरोसा जताया है.
UN Report on India GDP – संयुक्त राष्ट्र संघ का मानना है कि भारत की अर्थव्यवस्था के इस वर्ष 6.4 प्रतिशत और 2027 में 6.6 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है. संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में यह बात कही गई. संयुक्त राष्ट्र आर्थिक एवं सामाजिक आयोग एशिया व प्रशांत (ईएससीएपी) ने सोमवार को जारी रिपोर्ट में कहा कि दक्षिण एवं दक्षिण-पश्चिम एशिया की अर्थव्यवस्थाएं 2025 में 5.4 प्रतिशत की दर से बढ़ीं जबकि 2024 में वृद्धि दर 5.2 प्रतिशत थी. इसमें भारत की मजबूत वृद्धि का प्रमुख योगदान रहा.
अगले साल भारत की इकोनॉमी में दिखेगी तेज ग्रोथ
इकोनॉमिक एंड सोशल सर्वे ऑफ एशिया एंड द पैसिफिक 2026 शीर्षक वाली रिपोर्ट में कहा गया कि भारत की वृद्धि दर 2025 में बढ़कर 7.4 प्रतिशत हो गई. इस मजबूत खपत, विशेष रूप से ग्रामीण अर्थव्यवस्था से मांग, माल एवं सेवा कर (जीएसटी) दरों में कटौती और अमेरिका के शुल्क लागू होने से पहले निर्यात में तेजी ने समर्थन दिया.रिपोर्ट में कहा गया कि भारत में 2025 की दूसरी छमाही में आर्थिक गतिविधियां धीमी पड़ीं क्योंकि अगस्त 2025 में 50 प्रतिशत शुल्क लगाए जाने के बाद अमेरिका को निर्यात में 25 प्रतिशत की गिरावट आई. सेवा क्षेत्र प्रमुख वृद्धि चालक बना रहा.

