बीजापुर (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के भोपालपटनम क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश का सीधा असर अब जनजीवन और मुख्य सड़क संपर्क व्यवस्था पर साफ दिखाई देने लगा है।
राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-163) पर निर्माणाधीन पुल के पास यातायात के लिए बनाया गया अस्थायी डायवर्जन नालों के तेज बहाव की चपेट में आकर दो हिस्सों में बह गया। इस अचानक हुई घटना के चलते इस व्यस्त मार्ग पर छोटे-बड़े सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से बंद हो गई है।
🌊 तारलागुड़ा पोटाकेबिन के आगे सड़क बंद, छत्तीसगढ़ से तेलंगाना का प्रमुख संपर्क टूटा
तारलागुड़ा पोटाकेबिन के समीप सड़क बंद हो जाने के कारण भोपालपटनम से तेलंगाना राज्य की ओर जाने वाला प्रमुख नेशनल हाईवे मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया है।
इससे आम नागरिकों, दैनिक यात्रियों, व्यापारियों और मालवाहक वाहनों को भीषण समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, नेशनल हाईवे-163 पर कई स्थलों पर स्थायी पुल और पुलियों का निर्माण कार्य जारी है। निर्माण अवधि के दौरान गाड़ियों की आवाजाही बनाए रखने के लिए अस्थायी डायवर्जन बनाए गए थे, लेकिन लगातार हो रही भारी बारिश और उफनते नदी-नालों के आगे ये डायवर्जन टिक नहीं पा रहे हैं।
🚚 हर दिन गुजरते हैं सैकड़ों अंतरराज्यीय वाहन, सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने रोका आवागमन
नेशनल हाईवे-163 छत्तीसगढ़ और तेलंगाना राज्यों को आपस में जोड़ने वाली एक बेहद महत्वपूर्ण अंतरराज्यीय लाइफलाइन है।
इस मुख्य मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री बसें, निजी वाहन, मालवाहक ट्रक और आवश्यक खाद्य वस्तुओं की आपूर्ति करने वाले भारी वाहन गुजरते हैं। इस बीच तेज बारिश के पानी से तारलागुड़ा के पास निर्माणाधीन पुल का डायवर्जन बहने के बाद, बीजापुर जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के दृष्टिकोण से बैरिकेड्स लगाकर वाहनों का आवागमन रोक दिया है।
⚠️ व्यापारियों और किसानों की बढ़ीं मुश्किलें, बारिश में खतरे का कारण बन रहे कमजोर डायवर्जन
मार्ग अवरुद्ध होने से सबसे ज्यादा परेशानी व्यापारियों, किसानों और रोजाना काम के सिलसिले में जाने वाले लोगों को हो रही है।
सड़क के दोनों ओर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया है और दर्जनों वाहन फंसे हुए हैं, जिससे लोगों को काफी लंबे वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि हर साल बारिश के मौसम में निर्माणाधीन पुलों के पास बनाए जाने वाले कमजोर और घटिया अस्थायी डायवर्जन भारी खतरे का कारण बनते हैं। पानी का दबाव बढ़ते ही ये बह जाते हैं, जिससे पूरा आवागमन ठप हो जाता है।
स्थानीय निवासियों ने निर्माण एजेंसी और राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग से मांग की है कि बारिश के मौसम को ध्यान में रखते हुए मजबूत और सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था बनाई जाए, ताकि बार-बार मार्ग बंद होने की स्थिति से बचा जा सके। वहीं मौसम विभाग ने बीजापुर और आसपास के क्षेत्रों में आगामी 24 घंटों में और भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।


