मध्य प्रदेश के उज्जैन में शाही मस्जिद विवाद के तीन दिन बीत जाने के बाद पुलिस प्रशासन की कार्रवाई का दायरा और अधिक व्यापक हो गया है। पुलिस अब इस पूरे मामले की जांच दूसरे जिलों तक फैलाते हुए सभी नामजद आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही है। इसके साथ ही, इस घटना के पीछे किसी प्रतिबंधित संगठन (Ujjain Demolition News) संदिग्ध नेटवर्क की संलिप्तता के एंगल पर भी बेहद गहराई से जांच की जा रही है। n
तीन शिफ्टों में 40 मजदूर कर रहे हैं काम
घटनास्थल पर कानून व्यवस्था और प्रशासनिक निर्देशों के तहत लगातार तीसरे दिन भी शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने का काम युद्धस्तर पर जारी है। इस पूरी कार्रवाई को गति देने के लिए करीब 40 मजदूरों को तीन अलग-अलग शिफ्टों में लगाया गया है। प्रशासन का लक्ष्य है कि अगले लगभग 4 दिनों के भीतर इस पूरी प्रक्रिया को मुकम्मल कर लिया जाए, ताकि क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह सामान्य हो सके।
9 आरोपी न्यायिक हिरासत में भेजे गए
पुलिस कार्रवाई के तहत अब तक तीन अलग-अलग थानों में कुल 8 मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें 35 आरोपियों को नामजद किया गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 15 लोगों को हिरासत में लिया था, जिनमें से 9 आरोपियों को न्यायालय के आदेश पर 12 अक्टूबर तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इसके अलावा, पुलिस ने सोशल मीडिया पर भ्रामक, झूठी और तनाव फैलाने वाली जानकारियां साझा करने वाले कंटेंट क्रिएटर्स के खिलाफ (Ujjain Demolition News) भी सख्त रुख अपनाया है। ऐसे मामलों में 5 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और अफवाह फैलाने वाले 100 से अधिक सोशल मीडिया अकाउंट्स को चिन्हित कर प्रतिबंधित किया गया है।

