Close Menu
करंट न्यूज़करंट न्यूज़
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • महाराष्ट्र में बारिश बनी काल, लापरवाही के चलते 9 लोगों की दर्दनाक मौत; जानें पूरा मामला
    • कोरियन हेयर केयर रूटीन से पाएं स्मूथ, शाइनी और हेल्दी बाल; जानें आसान तरीका
    • ऑस्ट्रेलिया बनाम इंग्लैंड के बीच खिताबी जंग, जानें विजेता टीम को मिलेगी कितनी प्राइज मनी
    • अक्षय कुमार की कमाई का नया जरिया, मुंबई में करोड़ों की प्रॉपर्टी बेचकर कमाए भारी मुनाफ़ा
    • युद्ध के मैदान से लौटे सैनिकों में PTSD का खतरा, इजराइल में 1 लाख तक पहुंच सकती है घायलों की संख्या
    • Crude Oil Prices: कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का पेट्रोल-डीजल पर असर, सरकार ने साफ की स्थिति
    • WhatsApp, Telegram & Signal News: यूजरनेम फीचर पर बढ़ी सरकार की सख्ती, फ्रॉड के डर से मांगा जवाब
    • 25 जुलाई को बुध अपनी ही राशि में होंगे मार्गी, इन 4 राशियों को रहना होगा बेहद सावधान
    करंट न्यूज़करंट न्यूज़
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    Monday, July 6
    • होम
    • राज्य
      • दिल्ली
      • उत्तर प्रदेश
      • उत्तराखण्ड
      • मध्य प्रदेश
      • छत्तीसगढ़
      • हिमांचल प्रदेश
      • पंजाब
      • झारखण्ड
      • बिहार
      • राजस्थान
      • हरियाणा
      • गुजरात
      • महाराष्ट्र
      • जम्मू कश्मीर
    • देश
    • विदेश
    • मनोरंजन
    • खेल
    • टेक्नोलॉजी
    • धार्मिक
    • लाइफ स्टाइल
    करंट न्यूज़करंट न्यूज़
    Ad
    Home » दिल्ली का अनोखा मंदिर जहां नहीं होता ग्रहण का प्रभाव…ग्रहण में भी नहीं बंद होते मंदिर के कपाट!

    दिल्ली का अनोखा मंदिर जहां नहीं होता ग्रहण का प्रभाव…ग्रहण में भी नहीं बंद होते मंदिर के कपाट!

    September 7, 2025 धार्मिक 2 Mins Read
    Share
    Facebook Twitter Email WhatsApp Copy Link

    Lunar eclipse 2025: जब-जब आकाश में ग्रहण लगता है, देशभर के ज्यादातर मंदिरों के कपाट बंद हो जाते हैं. सूतक लगते ही घंटियां थम जाती हैं, पूजा-पाठ रोक दी जाती है और भक्तों के लिए दर्शन के द्वार भी बंद कर दिए जाते हैं. लेकिन राजधानी दिल्ली का कालकाजी मंदिर इस परंपरा से बिल्कुल अलग है. यहां ग्रहण का कोई असर (unique temple of Delhi) नहीं पड़ता, और देवी मां के दर्शन हर हाल में जारी रहते हैं. आखिर क्यों?

    हिंदू परंपरा में ग्रहण को अशुभ समय माना गया है. मान्यता है कि इस दौरान वातावरण दूषित हो जाता है. इसी कारण सूतक लगने के बाद से मंदिरों में भगवान की मूर्तियों पर पर्दा डाल दिया जाता है, दीपक बुझा दिए जाते हैं और पूजा स्थगित कर दी जाती है. ग्रहण खत्म होने के बाद शुद्धिकरण कर मंदिरों को फिर से खोला जाता है.

    कालकाजी मंदिर क्यों है अपवाद?

    दिल्ली के प्राचीनतम और प्रसिद्ध मां कालका मंदिर में यह नियम लागू नहीं होता. यहां ग्रहण चाहे सूर्य का हो या चंद्रमा का, भक्तों के लिए दरवाजे हमेशा खुले रहते हैं. दरअसल, धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माता काली की शक्ति ऐसी है कि उन पर किसी भी ग्रहण की छाया असर नहीं डाल सकती. कहा जाता है कि इस मंदिर में बारह राशियां (unique temple of Delhi) और नौ ग्रह स्वयं मां की कोख में वास करते हैं. यानी ग्रह और नक्षत्र खुद मां के पुत्र समान हैं. ऐसे में ग्रहण हो या सूतक, यहां पूजा-पाठ रोकने का कोई औचित्य नहीं रह जाता.

     

     

    Follow on Google News Follow on Facebook Follow on X (Twitter) Follow on YouTube Follow on WhatsApp
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email Telegram WhatsApp Copy Link

    Keep Reading

    25 जुलाई को बुध अपनी ही राशि में होंगे मार्गी, इन 4 राशियों को रहना होगा बेहद सावधान

    Vastu Shastra: घर में आईना लगाते समय इन बातों का रखें ध्यान, मिलेगा धन और सुख-समृद्धि का लाभ

    Dreamcatcher Vastu Tips: घर में ड्रीमकैचर लगाने के फायदे, जानें सही दिशा और वास्तु के नियम

    Draupadi Panchali: पांचाली क्यों कहलाईं द्रौपदी? पांडवों से विवाह के पीछे का पौराणिक कारण

    Amarnath Yatra 2026: 3 जुलाई से शुरू होगी बाबा बर्फानी की यात्रा; जानें अमरनाथ गुफा का रहस्य और महत्व

    Vat Purnima 2026: वट पूर्णिमा कब है? जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और अखंड सौभाग्य का महत्व

    • Facebook
    • YouTube
    • WhatsApp
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube

    राज्य -  दिल्ली    उत्तर प्रदेश    उत्तराखण्ड    मध्य प्रदेश    छत्तीसगढ़    हिमांचल प्रदेश    पंजाब    झारखण्ड    बिहार   राजस्थान    हरियाणा

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.