बांग्लादेश में इस समय हिंसा फैली हुई है. जहां एक तरफ छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद हंगामा मचा. वहीं, दूसरी तरफ इन्हीं दिनों अल्पसंख्यक दीपू चंद्र दास की हत्या कर दी गई. इसी (there was something else) के बाद अब दीपू के 4 हत्यारों ने अपना गुनाह कबूल किया है. कथित तौर पर दीपू पर ईशनिंदा का आरोप था. इसी के बाद भीड़ ने उसकी पीट-पीटकर हत्या कर दी.

हत्या करने के बाद उसके शव को पेड़ से बांधा और फिर शव को आग लगा दी. हालांकि, देश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा बढ़ती जा रही है. दीपू चंद्र दास के बाद अब अमृत मंडल उर्फ सम्राट की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी है. अमृत की उम्र 29 साल थी.

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दीपू भालुका, मयमनसिंह में कपड़ों की फैक्ट्री में काम करता था. अब इस मामले में दर्ज केस में 4 आरोपियों ने अदालत में अपना गुनाह कबूल किया है. इन आरोपियों ने गुरुवार को मयमनसिंह मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत की वरिष्ठ न्यायिक मजिस्ट्रेट तहमिना अख्तर टोमर की अदालत में अपने बयान दर्ज कराए.

there was something else – तारिक हुसैन (19), मानिक मिया (20), निजामुल हक (20) और अजमल छागिर (26) आरोपियों ने अपने बयान दर्ज कराए हैं. ये सभी भालुका के हाबिरबाड़ी यूनियन के दुबलियापारा इलाके में मौजूद पायनियर निटवेयर (बीडी) लिमिटेड फैक्ट्री के कर्मचारी हैं.

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अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने कहा कि ऐसा लग रहा था कि यह प्लानिंग के तहत किया गया है, लेकिन यह साजिश नहीं थी. अपने अलावा आरोपियों ने कुछ अन्य लोगों के नाम भी बताए हैं, जो सीधे तौर पर इस घटना में शामिल थे. तीन दिन की रिमांड पर भेजे गए बाकी 6 लोगों को शुक्रवार (26 दिसंबर) को पुलिस हिरासत में लिया जाएगा.

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