जेवर का नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अपनी एडवांस तकनीक और आधुनिक सुविधाओं के साथ दुनिया के मानचित्र में अपनी अलग पहचान बनाने को बेताब है. एयरपोर्ट के उद्घाटन की तारीख सामने आ चुकी है और विमान यहां से टेकऑफ को तैयार हैं. इस एयरपोर्ट को जहां इसकी खासियत अलग बनाती है तो वहीं एयरपोर्ट शुरू होने के साथ (thousands of jobs) आने वाले रोजगार इसे खास बनाते हैं. एक अनुमान के मुताबिक इस एयरपोर्ट के पूरी तरह से संचालित होने के बाद प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 15 लाख लोगों को नौकरी मिलने का अनुमान है.
एविएशन ऑपरेशंस से टर्मिनल ऑपरेटर्स
जेवर के नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर विमानों की शुरुआत होने के साथ ही यहां पर एयर ट्रैफिक कंट्रोल की जरूरत होगी. इसके साथ ही विमानों को हवा में नियंत्रित करने के लिए प्रशिक्षित एटीसी ऑफिसर और टेक्नीशियन की जरूरत होगी. ये सभी न केवल विमान की हवाई निगरानी करेंगे बल्कि इनके ऊपर ही विमान के टेक ऑफ से लैंडिंग तक की पूरी जिम्मेदारी होगी. हवाई सफर शुरू होने के साथ ही विमान की साफ सफाई और रखरखाव के लिए ग्राउंड हैंडलिंग स्टाफ की भी काफी जरूरत होगी. इसके साथ ही लोडिंग और अनलोडिंग, बैग हैंडलिंग के लिए स्टाफ की जरूर होगी. ऐसे में जेवर एयरपोर्ट पर बैगेज हैंडलर से रैंप ऑपरेटर की तुरंत जरूरत होगी.
कार्गो हैंडलिंग और लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट
5,845 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैले नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट में 80 एकड़ में विशाल कार्गो टर्मिनल बनाया जा रहा है. ये देश का सबसे बड़ा कार्गो हब होगा. कार्गो हब बड़ा होने के कारण कार्गो हैंडलिंग और लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट के भी कई पद भरे जाएंगे. इसके साथ ही कार्गो हैंडलर, लॉजिस्टिक्स कोऑर्डिनेटर, वेयरहाउस मैनेजर और (thousands of jobs) कोल्ड स्टोरेज ऑपरेटर जैसे पदों पर रोजगार मिलेगा.

